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Woman Empowerment: बिटिया रानी को बनाना है 'सशक्त' तो इन बातों को जहन में उतार लें

Wed, 19 Feb 2025 12:22 PM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महिला सशक्तिकरण सिर्फ महिलाओं का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का विकास है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तो समाज और देश तेजी से आगे बढ़ेगा। 
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बिटिया रानी को बनाना है सशक्त तो इन बातों को जहन में उतार लें - फोटो : अमर उजाला
Woman Empowerment: वो कहते हैं न कि 'बेटा भाग्य से होता है, लेकिन बेटियां सौभाग्य से होती हैं'। यही वजह है कि बेटी का जन्म सिर्फ एक नए सदस्य का आगमन नहीं, बल्कि घर में खुशियों और नई उम्मीदों का संचार होता है। बेटियां अपने साथ ढेरों खुशियां लेकर आती हैं। वो न सिर्फ परिवार बल्कि भविष्य में जाकर पूरे समाज के लिए रोशनी का काम करती है। इसी के चलते उसकी परवरिश और भविष्य को संवारने के लिए परिवार को मिलकर एक मजबूत नींव रखनी चाहिए।

वो दौर अलग था, जब लड़कियों और महिलाओं को रसोई-घर सीमित रखा जाता था। आज के समय में बात पढ़ाई-लिखाई की हो या फिर स्पोर्ट्स की, हर जगह महिलाओं के हुनर का लोहा अब लोग मानने लगे हैं। ऐसे में यदि आपके घर में लाडली बिटिया आई है तो अभी से कुछ बातों को जहन में बिठा लें। इन बातों को ध्यान में रखकर आप अपनी बिटिया को सशक्त बनाएंगे, ताकि आगे भविष्य में वो अपना और अपने आस-पास वाले लोगों का भी खास ध्यान रख पाएं। 
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जरूर दिलाएं शिक्षा का अधिकार - फोटो : Freepik
जरूर दिलाएं शिक्षा का अधिकार

आज के समय में भी हमारे देश में कई जगहें हैं, जहां पर लड़कों को तो पढ़ाया-लिखाया जाता है, लेकिन लड़कियों की बारी आने पर लोग कहते हैं कि वो तो पराया धन हैं, उन्हें सिर्फ घर के काम सीखने चाहिए। ऐसे में अपनी बिटिया रानी को भी शिक्षा का अधिकार दिलाएं। उन्हें पढ़ाई-लिखाई के प्रति जागरूक करें और उसकी अहमियत बताएं।  
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आर्थिक स्वतंत्रता की तरफ करें प्रोत्साहित - फोटो : Istock
आर्थिक स्वतंत्रता की तरफ करें प्रोत्साहित

लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई सिर्फ नाम या डिग्री जमा करने तक नहीं होनी चाहिए। उन्हें स्वरोजगार, स्टार्टअप और बिजनेस के लिए प्रोत्साहित किया जाए। अपनी बिटिया को भी इस चीज का एहसास दिलाएं कि वो किसी से कम नहीं हैं। उन्हें हर जगह बराबर अवसर दिए जाएंगे। यदि सुरक्षा की नजर से बच्ची को बाहर भेजने में डर लगता है तो उनके लिए फ्रीलांसिंग, वर्क-फ्रॉम-होम काम उपलब्ध कराएं, ताकि वो आत्म निर्भर बनें। 

 

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सोच में लगाएं बदलाव - फोटो : Adobe stock
सोच में लगाएं बदलाव

यदि आपके घर में बेटी है तो आप समाज के भरोसे नहीं बैठ सकते, कि समाज की सोच जब बदलेगी तब हम अपनी बिटिया को आजादी देंगे। अपने घर से ही रूढ़िवादी सोच और भेदभाव को खत्म किया जाए। किसी और को सलाह देने से पहले अपनी सोच में बदलाव लाएं, ताकि लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने और अपने फैसले खुद लेने की आजादी मिले।   
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जरूर दें कानून का ज्ञान - फोटो : Adobe Stock
जरूर दें कानून का ज्ञान

जब बिटिया बड़ी हो जाए तो उसे उसके अधिकारों की जानकारी अवश्य दें, क्योंकि घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ जैसे मामले आजकल काफी आम हैं। ऐसे में उन्हें पता होना चाहिए कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है। अपनी बिटिया रानी को सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग दें इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर की जानकारी भी हर महिला को हो।  
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स्वास्थ्य के बारे में हो खुलकर बात - फोटो : Freepik.com
स्वास्थ्य के बारे में हो खुलकर बात

वैसे तो आजकल परिवार काफी खुले विचारों के होते है, लेकिन इसके बावजूद घरवाले लड़कियों से पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेंटल हेल्थ पर खुल के बात नहीं करते, जोकि काफी गलत है। हर घर में कम से कम एक से दो लोग ऐसे जरूर होने चाहिए, जिनके कोई भी लड़की अपने मन की बात कर सके। बिटिया को इंटीमेसी के बारे में सही जानकारी होना आवश्यक है, ताकि उनके दिमाग में किसी तरह के गलत ख्याल नहीं रहें। 
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