'द ब्लू गर्ल'
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ईरान उनमें से एक है। वहीं उस युवती के साथ दुख भरी घटना घटी। वह युवती सहर खोदीयारी स्टेडियम में प्रवेश करना चाहती थी क्योंकि उसकी मनपसंद टीम अस्तेगहलाल एफसी का आज मैच था। उसकी यह प्रिय टीम नीली जर्सी पहनकर खेलती है तो सहर ने भी नीली वेशभूषा ही पहनी थी। लेकिन सहर को स्टेडियम में नहीं जाने दिया गया। उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। सहर इससे इतना आहत हुई कि अपना विरोध जताने के लिए उसने स्वयं को आग लगा ली। सहर की इस तरह से मौत ने सबको दहला दिया। अब तो चारों तरफ से महिला स्वतंत्रता और अधिकारों की आवाजें उठने लगीं।
पिछले माह यानी की सितंबर में अफगानिस्तान में फुटबॉल मैचों का एक सिलसिला चला। महिलाओं, पुरुषों, युवतियों, युवकों ने हाथ में प्लेकार्ड लिए हुए थे। जिस पर लिखा था कि- "हम उस नीली लड़की के साथ हैं।" वैसे तो अन्तर्राष्ट्रीय जगत् में सहर के लिए सहानुभूति की लहर उठ खड़ी हुई है। ईरान की बहुत आलोचना हुई। क्या किसी देश में एक महिला का जन्म लेना ही गुनाह है कि उस पर इतनी पाबंदियां लगाई जाएं। सहर को ब्ल्यू गर्ल इसीलिए कहा गया है, क्योंकि उसने अपनी मनपसंद टीम की जर्सी नीली रंग के ही कपड़े पहने थे।