रुपये उधार लेकर फैलाई स्वाद की खुशबू
निलजा वांग्मो उस संघर्षशील महिला का नाम है, जिसने दुर्गम पहाड़ी गांव में जन्म लेने के बाद भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनका जन्म अलची गांव में हुआ, जो लद्दाख की राजधानी लेह से लगभग 70 किलोमीटर नीचे सिंधु नदी के तट पर स्थित है। ऐसे दुर्गम स्थान से ज्यादा दुश्कर हालात निलजा के जीवन में तब आ गए, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। तंगहाली की वजह से कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छूट गई। निलजा को बचपन से विभिन्न प्रकार के व्यंजन पकाने का शौक था। उन्होंने शौक को ही कॅरियर बनाने की ठान ली, और ‘अलची किचन’ नाम से लद्दाखी रेस्टोरेंट की शुरुआत की। फिर ‘अलची किचन’ के खास मैन्यू पर कसरत की और ऐसे लद्दाखी व्यंजनों को खोजा, जो लुप्त हो चुके थे। आज इस किचन की फर्मेंटेड ब्रेड खंबीर और ताशी ताग्ये चाय सबसे ज्यादा पसंद की जाती है।