Independence Day Feature Stories: करीब 200 साल तक अंग्रेजों की गुलामी करने के बाद भारत को 15 अगस्त, 1947 के दिन आजादी मिली। ये आजादी कई जंग व त्याग के बाद हमारे हाथ लगी। स्वतंत्रता की इस लड़ाई में जहां पुरुषों ने खून पसीना एक किया था, वहीं महिलाओं ने भी अलग इतिहास रचा था। जब महिलाएं घूंघट में रहकर काम करती थी उस जमाने में कुछ महिलाओं ने अंग्रेजों के हाथ से लोहा लिया था। खास बात ये है कि, जब देश आर्थिक समस्याएं से जूंझ रहा था तब कुछ महिलाओं ने अपनी ऐशोआराम की जिंदगी को त्याग कर आजादी की जंग लड़ी थी। आज भारत आजादी के 76 साल पूरे होने के जश्न में झूम रहा है। बच्चा बच्चा आजादी के रंग में रंगा है। हम हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाते है। ये अवसर उन सेनानियों को याद करने के लिए है, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान को न्योछावर कर दिया था। इस आजादी में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है। स्वतंत्रता दिवस की इस 76वीं वर्षगांठ के खास अवसर पर हम उन महिलाओं के बारे में जानेंगे जिन्होंने देश के लिए सुख सुविधाओं को त्याग आंदोलन में खुद को समर्पित कर दिया था।