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Independence Day 2023: इस महिला क्रांतिकारी ने आजादी से पहले विदेश में फहराया था भारत का झंडा

Tue, 15 Aug 2023 07:05 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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भारत का पहला झंडा फहराने वाली महिला भीकाजी कामा के बारे में जानिए - फोटो : Social Media
Independence Day 2023: ब्रिटिश हुकुमत की गुलामी से कड़े संघर्षों, आंदोलनों के बाद आखिरकार 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया। भारत की आजादी के इस जश्न को हर साल देशवासी उत्साह से मनाते हैं।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले से ध्वजारोहण करते हैं। सरकारी, गैर सरकारी और निजी कार्यालयों के साथ ही लोगों के घरों, कालोनियों में भी झंडारोहण किया जाता है। इस मौके पर भारत की आजादी के लिए जान न्योछावर करने वाले वीर सपूतों, क्रांतिकारियों को याद किया जाता है।

बहुत से क्रांतिकारियों ने आजादी की मांग करते हुए भारत का ध्वज अंग्रेजी हुकूमत में ही फहरा दिया था। लेकिन एक भारतीय महिला क्रांतिकारी ऐसी भी थीं, जिन्होंने आजादी से पहले विदेश में भारत का झंडा फहराया था। विदेश में भारतीय ध्वज फहराने वाली इस भारतीय महिला क्रांतिकारी के बारे में जानिए। साथ ही ये भी जानें कि भारत का सबसे पहला झंडा कैसा दिखता था और ध्वज का इतिहास।
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भीकाजी कामा - फोटो : Social Media
भीकाजी कामा का जीवन परिचय

महाराष्ट्र के मुंबई में 24 सितंबर 1861 को भीकाजी कामा का जन्म हुआ। बचपन से ही भीकाजी कामा में देशभक्ति की भावना कूट कूट कर भरी थी। हर भारतीय की तरह भीकाजी कामा ने भी देश को स्वतंत्र कराने का सपना देखा था। इस सपने को पूरा करने के लिए वह स्वतंत्रता आंदोलन की आग में कूद गईं। आजादी की मांग को लेकर जहां देश भर में लोग आक्रोशित थे और जगह-जगह आंदोलन व सत्याग्रह कर रहे थे, वहीं भीकाजी कामा ने विदेश तक भारत की आजादी की मांग को उठाया।
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भीकाजी कामा - फोटो : Social media
बचपन से देशप्रेम की भावना

1896 में मुंबई में प्लेग फैलने पर भीकाजी मरीजों की सेवा में लग गईं। इस दौरान वह खुद प्लेग की चपेट में आ गईं। इलाज के बाद स्वस्थ होने पर वह भी देश सेवा में लग गईं।

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भीकाजी कामा - फोटो : Social media
पेरिस में पत्रिका का प्रकाशन

भीकाजी कामा भारतीय मूल की पारसी महिला थीं। उन्होंने उस दौर में लंदन से लेकर जर्मनी और अमेरिका का भ्रमण किया। इस दौरान भारत की स्वतंत्रता के पक्ष में आवाज कई देशों तक पहुंचाई। भीकाजी कामा पेरिस से 'वंदेमातरम्' पत्र प्रकाशित करती थीं, जो भारतीयों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ करता था।
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भीकाजी कामा द्वारा फहराए गए झंडे का डिजाइन - फोटो : Social media
आजादी से 40 साल पहले ही विदेश में भारतीय ध्वज फहराया

22 अगस्त 1907 यानी भारत के आजाद होने से 40 साल पहले ही भीकाजी कामा ने देश का झंडा जर्मनी में फहराया था। उन्होंने जर्मनी के स्टुटगार्ट नगर में आयोजित सातवीं अंतर्राष्ट्रीय सोशलिस्ट कांग्रेस के आयोजन में भारतीय झंडा फहराकर स्वतंत्रता संग्राम की मांग को तेज कर दिया। 13 अगस्त 1936 में आजादी का सपना आंखों में बसाए भीकाजी कामा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
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