मुंबई में पली-बढ़ी अनीता ने इस बात पर ध्यान दिया कि भारत में काम करने वाले कॉरपोरेट वर्ल्ड की महिलाओं के लिए कोई ऐसा ब्रांड नहीं था जो सही रेंज में कपड़े बनाता हो। यहीं देखकर उनके मन में कामकाजी महिलाओं के लिए कपड़े डिजाइन करने का जुनून सवार हुआ।
अनीता बताती हैं कि 1995 में उन्होंने अपने करियर की शुरूआत केवल दो सिलाई मशीन से शुरू की। साथ ही अपने पिता से पैसे उधार लिए। अनीता और उनकी बहन ने एक 300 स्कावयर वर्गफुट के कमरे में अपना काम करना शुरू किया और महिलाओं के लिए वेस्टर्न आउटफिट सिलती थीं। लेकिन शुरूआत में किसी ने भी उनके बनाए कपड़ों को अपने स्टोर में जगह नहीं दी और न हीं किसी मॉल ने उन्हें अपने यहां शॉप खोलने की जगह दी।
ऐसे में गुस्साई अनीता ने अपने खुद के ब्रांड को शुरू करने का फैसला लिया। साल 2015 में AND के साथ ही ग्लोबल देसी, हाउस ऑफ अनीता, अनीता डोंगरे ब्राइडल काउचर और अनीता डोंगरे पिंक सिटी जैसे बहुत सारे ब्रांड खुल गए। इस तरह से अनीता ने अपने मेहनत और लगन से दुनिया भर के लोगों को अपनी कपड़ों का मुरीद बना दिया। यहां तक कि ब्रिटेन के शाही परिवार की केट मिडल्टन ने अनीता का डिजाइन किया हुआ ड्रेस पहना था। जिसके बाद उनके पास बहुत से ऑर्डर आने लगे थे।