Ramcharitmanas Chaupai
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दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहि ब्यापा॥
सब नर करहिं परस्पर प्रीती।
चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीती॥
अर्थ: रामराज्य में, लोगों को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होता है। वे शारीरिक, मानसिक और भौतिक रूप से स्वस्थ होते हैं। वे एक-दूसरे के प्रति प्रेम और करुणा रखते हैं। वे वेद-शास्त्रों में बताए गए नियमों का पालन करते हैं।