बाड़मेर में इससे पहले वर्ष 2012 में थार महोत्सव का आयोजन किया गया था। वर्ष 1985 से लगाकर 2012 तक लगातार किन्ही कारणों से प्रशासन ने इसका आयोजन बंद कर दिया था, लेकिन जनता की मांग के बाद इसे पुनः शुरू किया गया है।
पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले की कला और लोक संस्कृति का परिचायक 'थार महोत्सव' 10 साल के बाद वापस शुरू किया गया हैं। जिला प्रशासन के इस खास आयोजन में इस बार 25 मार्च से 30 मार्च तक विभिन्न तरह के आयोजन किए जाएंगे।
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थार महोत्सव
- फोटो : AMAR UJALA
बाड़मेर में इससे पहले वर्ष 2012 में थार महोत्सव का आयोजन किया गया था। वर्ष 1985 से लगाकर 2012 तक लगातार इसका आयोजन किया गया था। इसके बाद किन्ही कारणों से प्रशासन ने इसका आयोजन बंद कर दिया था, लेकिन जनता की मांग के बाद इसे पुनः शुरू किया गया है।
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थार महोत्सव
- फोटो : AMAR UJALA
लगातार पांच दिन चलेगा महोत्सव
बाड़मेर की स्थानीय लोक कला व संस्कृति को दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से शुक्रवार से शुरू हुए थार महोत्सव के तहत 5 दिन लगातार कार्यक्रम आयोजित होंगे।इसमें शुक्रवार को किराडू, रेडाणा व बाड़मेर शहर की नन्दी गौशाला, शनिवार को चौहटन पर कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसके बाद रविवार को बालोतरा, सोमवार और मंगलवार को बाड़मेर के आदर्श स्टेडियम और महाबार के धोरों पर कला और संस्कृति से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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थार महोत्सव
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11-12वीं शताब्दी में निर्मित मंदिरों के बारे में दी गई जानकारी
थार महोत्सव का आगाज जिला प्रशासन द्वारा बाड़मेर शहर के भगवान महावीर टाउन हॉल से एक्सप्लोर-थार बाइकर्स रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह बाइक रैली राजस्थान के खजुराहो कहे जाने वाले किराडू मंदिर पहुंची जहां पर किराडू हेरिटेज वॉक के तहत किराडू मंदिर पहुंचे लोगों को 11-12वीं शताब्दी में निर्मित मंदिरों के निर्माण व उनके बर्बाद होने के इतिहास रूबरू करवाया गया।
सबसे दिलचस्प रही घुड़दौड़
इस आयोजन मे सबसे दिलचस्प घुड़दौड़ रही। रेडाना स्थित विशाल रण क्षेत्र मे घुड़दौड़ प्रतियोगिता मे बड़ी तादाद मे लोगों ने हिस्सा लिया वहीँ दर्शकों की संख्या भी यहां जबरदस्त जुटी।