लेडी ऑफ द हार्ले के नाम से पहचानी जाने वाली जयपुर की बाइक राइडर वीनू पालीवाल की मध्य प्रदेश में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। वीनू की मौत के बाद से उनके प्रशंसक और दोस्त सदमे में हैं। वीनू के माता पिता को आज भी यकीन नहीं है कि उनकी जिंदादिल बेटी उन्हें छोड़कर जा चुकी है।
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44 साल की वीनू की जिंदगी जिंदादिली की मिसाल रही। दो बच्चों की मां वीनू ने रफ्तार के शौक के लिए कभी किसी बात से समझौता नहीं किया। यहां तक की अपने पति से भी नहीं। जिन्हें उसका बाइक चलाना पसंद नहीं था।
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1200 सीसी की हार्ले डेविडसन बाइक पर पूरे रौब से निकलने वाली वीनू की शख्सियत ऐसी थी कि देखने वाले उन्हें देखते रह जाते।
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वीनू को बाइकिंग का शौक अपने पिता से विरासत में मिला था, वो भी बाइक चलाने के बड़े शौकीन थे। पिता को देखा देखी वीनू ने कालेज के दिनों में ही बाइक चलाना सीख लिया था। शुरू में वो अपने पिता की यजदी बाइक ही दौड़ाती थीं।
पति से अलग होने के बाद वीनू ने जयपुर में चाह बार नाम का रेस्त्रां खोला और बेहतरीन तरीकों से अपने बच्चों की परवरिश की। उनकी बेटी दिल्ली और बेटा अमेरिका में पढ़ता है।
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वीनू के बारे में कहा जाता है कि वह 180 की स्पीड़ से हार्ले डेविडसन चलाती थीं। उन्होंने कई साल पहले ही हार्ले 48 मॉडल की यह बाइक खरीदी थी। इसी वजह से उन्हें लेडी ऑफ हार्ले 2016 भी चुना गया।
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जिस समय मध्यप्रदेश के विदिशा में यह हादसा हुआ उस समय भी मोड़ पर उनकी बाइक की रफ्तार 100 से ज्यादा बताई गई। हादसे के दौरान वीनू अपने दोस्त दीपेश तंवर के साथ कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत भ्रमण पर निकली थी।
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अपने आखिरी सफर पर वह लखनऊ से मध्यप्रदेश के लिए निकली थी और फेसबुक पर अपनी अंतिम पोस्ट सफर की ही डाली। अपने रफ्तार के शौक के कारण ही वीनू के प्रशंसकों और मित्रों की अच्छी खासी जमात थी, उनकी मौत के बाद किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि जिंदगी को अपने अंदाज में जीने वाली महिला उन्हें छोड़कर चली गई।