बाबा का इतिहास
- फोटो : अमर उजाला
एक पल के दीदार के लिए 37 किलोमीटर की पद यात्रा
सीकर जिले के खाटूश्यामजी कस्बे में बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले की भव्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। बाबा श्याम का निज मंदिर दुल्हन की तरह सज कर तैयार हुआ है, जिसमें 200 बंगाली कारीगरों ने रात-दिन मेहनत करके मंदिर की सजावट को अंतिम रूप दिया है। मेले की भव्यता बढ़ाने के लिए वीर बर्बरीक की शेरों के साथ बाल लीलाओं के आकर्षक श्रृंगार के दर्शन किए जा सकेंगे। मंदिर में श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता उपदेश देना, श्रीराम, सरस्वती, नीले घोड़े पर सवार वीर बर्बरीक, तीन बाण और कृष्ण संग गोपियों की मनमोहक रास लीलाओं का दृश्य देखने को मिलेगा।