5 फीट ऊंची मां भगवती त्रिपुर सुंदरी की मूर्ति अष्ठादश भुजाओं वाली है।
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माता का यह मंदिर बांसवाड़ा से 19 किमी दूर है। कुषाण तानाशाह के शासन से पहले बनाए गए इस मंदिर को माता तुर्तिया के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में काले पत्थर पर खुदी हुई देवी की मूर्ति प्रतिष्ठित है। 5 फीट ऊंची मां भगवती त्रिपुर सुंदरी की मूर्ति अष्ठादश भुजाओं वाली है। यह मंदिर एक शक्ति पीठ के रूप में भी प्रसिद्ध है। सप्ताह के सातों दिन मां का अलग-अलग रूप में श्रृंगार किया जाता है। सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, गुरुवार को पीला, शुक्रवार को केसरिया, शनिवार को नीला और रविवार को पंचरंगी रंग में मां का श्रृंगार किया जाता है। मान्यता के अनुसार मां के सिंह, मयूर कमलासिनी होने और तीन रूपों में कुमारिका, मध्यांह में सुंदरी यानी यौवना और संध्या में प्रौढ़ रूप में दर्शन देने से इन्हें त्रिपुर सुंदरी कहा जाता है।