महावीर सिंह उर्फ मोहन
- फोटो : सोशल मीडिया
मां और बेटी का शराब की बोतल से चीरा पेट
साल 1997 में महावीर सिंह उर्फ मोहन एक साथ दो हत्याएं कीं। हत्यारे का शिकार एक महिला और उसकी बेटी बनी। दोनों ने उसके साथ संबंध बनाने से मना किया तो आरोपी ने शराब की बोतल से दोनों का पेट चीर दिया। उद्योग नगर थाना में हुई घटना से लोग खौफ में आ गए थे। हत्या के बाद साइको मोहन फरार हो गया। वह निंबाहेडा जाकर रहने लगा, खाना खाने और शराब पीने के लिए वह मजदूरी करने लगा।
किसी को भी खबर नहीं थी कि एक हत्या खुलेआम घूम रहा है। इस दौरान भी आरोपी अपनी हैवानियत से बाज नहीं आया। छह साल बाद 2003 में उसने एक मजदूर महिला पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद साइको मोहन ने महिला मजदूर की पेट चीरकर हत्या कर दी।
हालांकि, इस केस में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उसे उम्र कैद की सजा सुजाई। जयपुर की सांगानेर जेल में बंद आरोपी को 2016 में पेरोल दी गई, जिसके बाद वह फरार हो गया। पुलिस ने उसे तलाशने का प्रयास किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।