अचलेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : Social Media
शिव को चढ़ाया जल, जाता है पाताल
मंदिर के पुजारी ने बताया कि अचलेश्वर महादेव मंदिर देश में एकमात्र शिव मंदिर है, जहां उनके अंगूठे की पूजा की जाती है। स्कंद पुराण में भगवान शिव के अर्बुदांचल में वास करने का प्रमाण भी मिलता है। इसमें बताया गया है कि भगवान शिव और विष्णु ने एक रात यहां की सैर की थी। यही वजह है कि अर्बुदांचल को ऋषियों की तपोस्थली कहा जाता है। शिव के अभिषेक के दौरान जो भी जल चढ़ाया जाता है, वो सीधे पाताल में जाता है।
सावन में भक्तों का लगता है तांता
सावन मास के सोमवार को इस मंदिर में मेले सा माहौल बना रहता है। हर साल अचलेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि और सावन पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। लोग दूर-दूर से इस मंदिर में शिव की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।