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राजस्थान: झालरापाटन में वसुंधरा का किला ढहाने के लिए मानवेंद्र ने खुद को ऐसे झोंका

Tue, 04 Dec 2018 07:17 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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Manvendra Singh - फोटो : facebook
मरुस्थल के संग्राम में मतदान होने में बस चंद घंटे ही बाकी हैं। इस बार सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस ने पूरी फौज उतार दी है।  झालरापाटन में मानवेंद्र सिंह भाजपा को कड़ी चुनौती देते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री  का किला फतह करने के लिए वह अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
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Manvendra Singh - फोटो : facebook
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की दूसरी सूची में 31वें नंबर पर दर्ज नाम था- मानवेंद्र सिंह, विधानसभा-झालरापाटन। सहसा यकीन नहीं हुआ। मालूम था कि मानवेंद्र जंग में लौटेंगे लेकिन उम्मीद बाड़मेर, जैसलमेर के आसपास की थी झालावाड़ के झालरापाटन की नहीं। भूगोल और राजनीति के भूगोल, दोनों में दिलचस्पी हो तो बाड़मेर से कुछ सात सौ किलोमीटर दूर ठहरता है झालावाड़। खबरों की मानें तो मानवेंद्र ने झालारापाटन में खुद को झोंक दिया है। वो बखूबी जानते हैं कि ये उनका इलाका नहीं है। ये उनकी जमीन नहीं है। लेकिन, जख्म जब गहरे हों तो लड़ने का हौसला मिल जाता है।
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Manvendra Singh - फोटो : facebook
मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र झालरापाटन के रण में रणविजय बनने के लिए पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह इन दिनों अपनी हड्डियां गला रहे हैं।  वह खुद जनसंपर्क अभियानों का नेतृत्व कर लोगों से संवाद कर रहे हैं।  इन दिनों वो झालरापाटन में 10 से 12 घंटे तक नुक्कड़ सभाएं करते, रैलियां करते मिल जाते हैं। 

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Manvendra Singh - Navjot Singh siddhu - फोटो : facebook
बीते दिनों कांग्रेस के प्रचार के लिए झालरापाटन पहुंचे सिद्धू ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा था कि भाजपा ने मानवेंद्र जैसे मणि को निकालकर फेंक दिया और कांग्रेस ने उन्हें सोने में जड़ दिया है। 
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Manvendra Singh - फोटो : facebook
करणी सेना ने मानवेंद्र के समर्थन का बाकायदा एलान कर दिया है। पद्मावत विवाद और आनंदपाल एनकाउंटर के बाद, वसुंधरा के खिलाफ राजपूतों की नाराजगी सबके सामने हैं। ये शायद राजस्थान के रण का सबसे नजदीक से देखा जाने वाला 'युद्ध' साबित होगा। राजस्थान में सात दिसंबर को रामगढ़ की सीट को छोड़कर 199 सीटों पर मतदान होगा। झालरापाटन के नतीजों पर दोनों पार्टियों के अलावा पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
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