धानवी सिंह
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पिता से मिली प्रेरणा, सिर्फ दो महीने की मेहनत
धानवी ने अपने पिता जितेंद्र सिंह पिचानौत को घुड़सवारी करते हुए देखकर इस खेल को अपनाया। मात्र दो महीने के अभ्यास के बाद, उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में यह अद्वितीय उपलब्धि हासिल की। धानवी के पिता जितेंद्र सिंह खुद एक घुड़सवारी के शौकीन हैं और भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार विदेशों में भी करते हैं।