भजन सुनकर झूम उठे श्रोता।
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कबीर यात्रा के कार्यक्रम में उन्होंने राम बिना रे कोई धाम नहीं..., सकल हंस में राम बिराजे..., सब ब्रह्माण्ड में जोत का बासा...,राम को सुमिरो दूजा नहीं..., तीन गुण पर तेज हमारा..., पांच तत्व पर जोत जले..., जिनका उजाला चैदह लोक में... और सूरत डोर आकाश चढ़े सहित कई भजन सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।