जैसलमेर के बिश्नोई समाज के एक परिवार ने पशु प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। धोलिया गांव निवासी शिव सुभाग मांजू के परिवार ने एक हिरण के बच्चे को अपने बच्चे की तरह पाल पोषकर बड़ा किया। जब हिरण का बच्चा बड़ा हो गया तो परिवार ने रात्रि जागरण और सामूहिक भोजन का आयोजन किया। इसके बाद उसे अपनी बच्ची की तरह रेस्क्यू सेंटर के लिए विदा किया।
मादा हिरण की हो गई थी मौत
सनावडा गांव के पास करीब नौ महीने पहले एक मादा हिरण ने एक बच्चे को जन्म दिया था। जन्म देने के 15 दिन बाद मादा हिरण पर आवारा श्वानों ने हमला कर दिया। जिसमें उसकी मौत हो गई। इसपर धोलिया निवासी शिव सुभाग ने हिरण के बच्चे को बचाने के लिए अपने घर लेकर आ गए।