हनुमान जी का जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा को मनाया जाता है। आज गुरुवार को हनुमान जयंती राजस्थान के मंदिरों में हर्षोल्लास से मनाई जा रही है। श्री राम के भक्त हनुमान जी के जन्मदिन पर श्रद्धालु व्रत रखकर और विशेष पूजा अर्चना कर रहे हैं। मंदिरों और घरों में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा के पाठ किए जा रहे हैं। हनुमान जी का अभिषेक, चोला सिंदूर चढ़ाने, नई पोशाक धारण कराने के साथ झांकियां सजाई जा रही हैं। आइए जानते हैं राजस्थान के पांच प्रसिद्ध हनुमान मंदिर से जुड़े रहस्य, कहानियां और चमत्कार के बारे में...
1. श्री सालासर बालाजी मंदिर, चूरू
- श्री सालासर बालाजी का भव्य मंदिर राजस्थान के चूरू जिले के सालासर में है। यह राजस्थान ही नहीं देश-विदेश के हनुमान भक्तों की जन आस्था और विश्वास को समेटे परम पावन धाम है।
- सालासर बालाजी मंदिर में श्री बालाजी की भव्य प्रतिमा सोने के सिंहासन पर विराजमान है। इसके ऊपरी भाग में श्रीराम दरबार और निचले भाग में श्रीराम के चरणों में दाढ़ी-मूंछ से सुशोभित हनुमानजी श्री बालाजी के रूप में विराजमान है।
- दाढ़ी-मूछों वाले श्री बालाजी का वयस्क रूप इसके अलावा कहीं और विग्रह में देखने को नहीं मिलता है। श्री सालसर धाम लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।
पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन समय मे राजस्थान के असोता गांव में खेती करते हुए किसान को हनुमान जी की मूर्ति मिली थी। किसान ने इस घटना के बारे में लोगों को बताया। कहा जाता है कि जब वहां के जमींदार को भी उसी दिन सपने में भगवान हनुमान जी ने आदेश देते कहा कि उन्हें सालासर में स्थापित किया जाए। उसी रात सालासर के निवासी मोहनदास को भी भगवान हनुमान जी ने सपने में दर्शन देकर आदेश दिया कि मुझे असोता से सालासर में ले जाकर स्थापित किया जाए। तभी से सालासर में भगवान की मूर्ति स्थापित कर भव्य मंदिर बनाया गया।