जंगल में मिली दो बच्चों की लाश।
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जानें कब क्या हुआ?
15 अक्टूबर को दोनों आरोपी चाचाओं ने तीन बच्चों अमन (12), विपिन (10) और शिवा (8) का भिवाड़ी से अपहरण किया। जिसके बाद उन्हें धारूहेड़ा ले गए। तीनों बच्चों को काफी देर घुमाने के बाद दोनों उन्हें दिल्ली दिखाने की बात कहकर वहां ले गए, लेकिन शाम होते-होते बच्चे घर जाने की जिद करने लगे। मम्मी-पापा के पास जाने की बात कहकर उन्होंने रोना शुरू कर दिया। इससे दोनों आरोपी डर गए, उन्हें लगा कि अब वह फंस जाएंगे। इस डर से दोनों शनिवार रात को ही तीनों बच्चों को महरौली के जंगल में ले गए और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। तीनों को मरा समझकर आरोपी उनके शव वहीं छोड़कर फरार हो गए।
इधर, घर से लापता हुए बच्चों को उनके परिजन 24 घंटे तक तलाश करते रहे, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन 16 अक्टूबर को पिता ज्ञान सिंह और मां उर्मिला ने बच्चों की गुमशुदगी का केस थाने में दर्ज कराया। उन्होंने मकान मालिक और उसके दो दोस्तों पर बच्चों के अपहरण का आरोप लगाया। इसी दिन पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोाप लगाकर परिजनों ने धरना भी दिया।