बांसवाड़ा में 500 साल पुरानी अनूठी परंपरा
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दूल्हा बनने की जिद
मंदिर पहुंचने के बाद विवाह की रस्म शुरू करने की तैयारी की गई लेकिन दोनों किशोर दूल्हा बनने की जिद पर अड़ गए। इस पर मुखिया नाथजी पटेल, डॉ. स्वामी विवेकानंद महाराज, रणछोड़ पटेल और अन्य ग्रामीणों ने आपसी सहमति से एक को दूल्हा और दूसरे को दुल्हन बनाने का निर्णय लिया।