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Bakra Eid: अप्रैल से राजस्थान में हर महीने भड़की हिंसा, हिंदू नववर्ष से शुरुआत, आज ईद पर तनाव रोकना चुनौती

Sun, 10 Jul 2022 07:15 AM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में तीन महीने में तीन जिलों में हिंसा, हिंदू नववर्ष पर पत्थरबाजी  


 
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प्रदेश के कई जिलों में पुलिस ने निकाला मार्च। - फोटो : सोशल मीडिया
अप्रैल, मई, जून तीन महीनों में करौली, जोधपुर और उदयपुर तीन जिलों में हिंसा भड़की। राजस्थान के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार ही होगा जब लगातार तीन महीनों में प्रदेश में हालात बिगड़ गए। उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या ने तो पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। तनाव इतना बढ़ा कि सरकार को पूरे प्रदेश में ही इंटरनेट बंद करना पड़ा। उदयपुर में अब भी रात नौ बजे से सुबह चार बजे तक कर्फ्यू लगा हुआ है।

प्रदेश में लगातार बिगड़ रहे सांप्रदायिक हालात के बीच आज रविवार को मुस्लिम समाज ईद का पर्व मनाएगा। ऐसे में प्रशासन और सरकार की पूरी कोशिश है कि प्रदेश के सभी जिलों में ईद शांति से मनाई जा सके। हालात पर नजर डाले तो इस समय सबसे ज्यादा तनाव उदयपुर और अजमेर में नजर आ रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उदयपुर में दो मुस्लिम युवकों ने कन्हैयालाल की गला काटकर हत्या कर दी थी।

वहीं, अजमेर में भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर विरोध-प्रदर्शन में कई भड़काऊ नारे लगाए गए थे। भड़काऊ नारे लगाने वाला दरगाह का खादिम गौहर चिश्ती अभी फरार है। कन्हैया की हत्या के तार भी अजमेर से जुड़ते नजर आ रहे हैं। ऐसे में इन दोनों जिलों में पुलिस अलर्ट पर है। शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। आईए पहले जानते हैं कि उदयपुर, जोधपुर और करौली में क्या हुआ था?   
 
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उदयपुर हत्याकांड - फोटो : Social Media
28 जून उदयपुर: कन्हैया की गला रेतकर हत्या, नुपुर शर्मा के समर्थन में की थी पोस्ट
इन दिन उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या कर दी गई थी। वह धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहते थे और पेशे से दर्जी थे। दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने उनकी दुकान पर पहुंचे और धारदार हथियार से कन्हैया पर वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने कन्हैया को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था।  
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झंडे को लेकर शुरू हुआ था विवाद। - फोटो : सोशल मीडिया
दो मई जोधपुर: धार्मिक झंडा हटाने पर विवाद, हालात बिगड़े तो लगाना पड़ा कर्फ्यू
जोधपुर में परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में रैली निकाली गई थी। इस दौरान जालोरी गेट चौराहे पर झंडे लगाए गए। दो मई की देर रात ईद को लेकर समाज के लोगों ने इसी चौराहे पर झंडे लगाने की कोशिश की। लोग वहां पहले से लगे झंडों को हटाकर अपने धर्म के झंडे लगाने लगे, दूसरे समाज के लोगों ने इसका विरोध किया। इस दौरान एक युवक के साथ विशेष समुदाय के लोगों ने मारपीट कर दी। इसके बाद मौके पर जुटी भीड़ ने नमाज के लिए लगाए गए लाउडस्पीकरों को पोल से हटा दिया। दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागकर कर हालात काबू में किए। पथराव में डीसीपी भुवन भूषण यादव, एसएचओ अमित सिहाग सहित चार पुलिसकर्मी और कुछ मीडियाकर्मी भी घायल हो गए थे। कई दिन बाद शहर के दस थाना इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया था। 

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हिंदू नववर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर पथराव के बाद हिंसा भड़की थी। - फोटो : अमर उजाला
दो अप्रैल करौली: बाइक रैली के पर पथराव के बाद भड़की हिंसा 
हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर विशेष समुदाय के लोगों ने पथराव कर दिया था। इससे शहर के हटवारा बाजार में हिंसा भड़क गई। उपद्रवियों ने 35 से ज्यादा दुकानों, मकानों और बाइकों को आग के हवाले कर दिया। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया और शहर में धारा 144 लागू कर दी, लेकिन इससे हालात नहीं संभले। इसके बाद प्रशासन ने जिले में कर्फ्यू लगाया और फिर इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी थी। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित 43 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हिंसा के बाद लगे कर्फ्यू के कारण शहर के लोग करीब 15 दिन तक घरों में कैद रहे थे।
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अजमेर में पुलिस ने निकाल मार्च, लोगों की शांति बनाए रखने की अपील। - फोटो : ANI
जानिए इन पांच जिलों में कैसी है सुरक्षा व्यवस्था?
  1. उदयपुर में ईद को लेकर दो दिन से प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार बैठक कर रहे थे। संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट और आईजी प्रफुल्ल कुमार ने भी बैठकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। शहर की सुरक्षा व्यवस्थाएं में 18 कार्यपालक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। शहर को 3 सेक्टरों में बांटकर एएसपी रैंक के प्रभारी अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। दस थाना क्षेत्रों में 150 से ज्यादा का जाब्ता तैनात किया गया है। संदिग्ध इलाकों में सादा कपड़ों में भी पुलिस जवान मौजूद हैं। इसके अलावा ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। 
  2. अजमेर पुलिस ने शनिवार को दरगाह क्षेत्र से रूट मार्च निकाला गया। इस दौरान पुलिस ने अजमेर की जनता में आपसी सौहार्द बढ़ाने की अपील की। साथ ही असामाजिक तत्वों को गड़बड़ी करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। पूरे शहर में करीब 2000 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। 
  3. अलवर का बहरोड़ आज रविवार को कन्हैयालाल की हत्या करने के विरोध में बंद रहेगा। राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय के स्टेडियम से मौन जुलूस निकाला जाएगा और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम कचहरी में ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोग ईद त्योहार मनाएंगे। इन दोनों आयोजनों को लेकर कस्बे में कानून व्यवस्था सख्त की गई है। आसपास के थानों से पुलिस और आरएसी के जवानों को बुलाकर तैनात किया गया है।
  4. करौली में हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर पथराव के बाद हिंसा भड़क गई थी। इस काराण ईद पर शहर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। संदिग्ध इलाकों में पुलिस के जवान तैनात हैं। एसपी नारायण टोगस ने जिले वासियों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। साथ ही  युवाओं से अपील करते हुए कहा गया कि सोशल मीडिया पर किसी तरह की धार्मिक टिप्पणी न करें।  
  5. धौलपुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवाान तैनात हैं। संवेदनशील इलाकों की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। संवदेनशील इलाकों में पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। साइबर सेल की टीम सोशल मीडिया पर पैनी नजर बनाए हुए है। 
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