कोरोना की पहली लहर के दौरान बड़ा नुकसान झेलने वाले पंजाब के गांव नंगल लुबाना ने लगातार टेस्टिंग और 45 साल से ऊपर वर्ग के लोगों के 90 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण से कोरोना की दूसरी बड़ी लहर का मुंह मोड़ दिया है। भुलत्थ सब डिवीजन के कस्बा बेगोवाल के इस गांव का पॉजिटिविटी रेट पहली लहर के दौरान 70 प्रतिशत था, जो दूसरी लहर के दौरान 1 प्रतिशत से भी नीचे आ गया है। वर्तमान समय में नंगल लुबाना गांव का कोई भी व्यक्ति न तो अस्पताल और न ही होम आइसोलेशन में है। कोरोना की शुरुआत के समय गांव में टेस्टिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण कुल 5234 की आबादी वाले गांव में पॉजिटिविटी रेट 70 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। पूरी भुलत्थ सब डिवीजन के कुल 835 पॉजिटिव मामलों में से 83 केवल नंगल लुबाना के ही थे, जो सब डिवीजन का 10 प्रतिशत था। इस बुरे दौर के दौरान गांव के 4 लोगों को जान भी गंवानी पड़ी।
इसके बाद गांव के लोगों का सहयोग लेकर एसएमओ भुलत्थ डॉ़ किरनप्रीत सेखों ने आशा वर्करों और एएनएम को घर-घर जाकर सर्वे करने में लगाया, ताकि 45 साल से ऊपर के लोगों की सही संख्या जानकर उनका टीकाकरण किया जा सके।
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वैक्सीनेशन कैंप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुल आबादी में से 45 साल से ऊपर के लोगों की संख्या 1334 थी, जिनकी वैक्सीनेशन शुरू की गई। अब तक गांव में लगाए गए 9 विशेष कैंपों में 45 साल से ऊपर के लोगों में से 1213 लोगों को टीका लगाया जा चुका है, जो कि इस उम्र वर्ग का 90.92 प्रतिशत है।
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वैक्सीन लगवाते लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डॉ़ सेखों ने बताया कि वैक्सीनेशन से पहले हर व्यक्ति का टेस्ट करवा कर वैक्सीन लगाई जाती है। वैक्सीन से वंचित रहते इस उम्र वर्ग के लोग या तो विदेश में हैं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।
वैक्सीन लगवाने वाली गांव की महिलाओं ने बताया कि इस महामारी ने पहले दौर में गांव को झकझोरकर रख दिया था, जिससे उन्होंने सबक लिया। डिप्टी कमिश्नर कपूरथला दीप्ति उप्पल ने भी गांववासियों और स्वास्थ्य संस्थाओं की पीठ थपथपाते हुए कहा कि बाकी गांव भी नंगल लुबाना से प्रेरणा लें, जिससे कोरोना महामारी को रोकने में मदद मिल सके।