मोहाली के सोहाना में सोमवार शाम कबड्डी प्रमोटर और खिलाड़ी कुंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की हत्या करने के मामले में बड़े खुलासे हुए हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि राणा बलाचौरिया की हत्या गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का करीबी होने के चलते की गई। पुलिस के अनुसार राणा और जग्गू भगवानपुरिया के बीच कबड्डी टूर्नामेंटों को लेकर टाईअप था, इसे लेकर विरोधी गैंगों से रंजिश चल रही थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि राणा बलाचौरिया की हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी। बाइक पर सवार होकर आए दो शूटरों ने सेल्फी लेने के बहाने राणा के पास पहुंचकर 30 बोर पिस्टल से उनके सिर में गोली मारी। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से भाग गए। एसएसपी हंस ने बताया कि मोहाली पुलिस की दो टीमें दिल्ली-एनसीआर और दो टीमें अमृतसर में दबिश दे रही हैं।
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दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया
- फोटो : फाइल
जानने वाले ने सेल्फी के लिए बुलाया था
पुलिस को इनपुट मिला है कि आरोपी इन इलाकों में छिपे हो सकते हैं। इसके अलावा एक तीसरे अज्ञात व्यक्ति की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस को शक है कि यही तीसरा व्यक्ति राणा बलाचौरिया को जानता था और उसी ने शूटरों को सेल्फी के बहाने राणा तक पहुंचाया।
इस वारदात में रोपड़ के रहने वाले एक अन्य युवक जगप्रीत सिंह भी घायल हुआ है, जो वारदात के समय गोली लगने से जमीन पर गिरे राणा को उठाने के लिए गया था और छर्रे लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है।
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जांच करते पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद
टोल प्लाजा की खंगाली जा रही फुटेज
मंगलवार को पुलिस ने सभी टोल प्लाजा और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मोटरसाइकिल का नंबर ट्रेस करने के लिए तकनीकी टीमों को लगाया गया है। वहीं, शूटरों को भगाने और उन्हें पनाह देने वालों की भी पहचान की जा रही है। यह कबड्डी टूर्नामेंट बैदवान स्पोर्ट्स क्लब सोहाना की ओर से आयोजित किया गया था। टूर्नामेंट की शुरुआत 12 दिसंबर को हुई थी और 15 दिसंबर को अंतिम मुकाबले खेले गए थे। मैच समाप्त होने के बाद राणा बलाचौरिया आयोजन स्थल से बाहर निकल रहे थे, तभी इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पंजाब में बीते कुछ वर्षों में कबड्डी खिलाड़ियों और प्रमोटरों की हत्या करने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। मार्च 2022 में संदीप नंगल अंबिया, अक्टूबर 2025 में तेजपाल सिंह और नवंबर 2025 में गुरविंदर सिंह की भी कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान गोली मारकर हत्या की जा चुकी है। राणा बलाचौरिया की हत्या ने एक बार फिर कबड्डी जगत की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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पोस्टमार्टम के दाैरान माैजूद परिजन
- फोटो : संवाद
शूटरों की हुई पहचान, बदले की भावना से नहीं की हत्या
प्रमोटर कुंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की हत्या के मामले में मोहाली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले दो शूटरों की पहचान कर ली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहाली हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या करने वाले शूटर आदित्य कपूर उर्फ मक्खन और करण पाठक उर्फ डिफॉल्टर करण दोनों अमृतसर निवासी हैं।
दोनों आरोपी कुख्यात डॉनी बल और लक्की पटियाल गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इस हत्या के पीछे मुख्य कारण कबड्डी टूर्नामेंटों में दबदबा कायम करने की आपराधिक प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जिन्हें विभिन्न संभावित ठिकानों पर रवाना कर दिया गया है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
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अस्पताल पहुंचे परिजन
- फोटो : संवाद
मूसेवाला हत्याकांड से इस वारदात का कोई लेना-देना नहीं
सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों को खारिज कर एसएसपी हंस ने स्पष्ट किया कि इस हत्या का संबंध दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से नहीं है। यह किसी भी प्रकार की बदले की भावना से नहीं करवाई गई है। उन्होंने कहा कि जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे इस वारदात को मूसेवाला मामले से जोड़ा जा सके। यह पूरी तरह से कबड्डी आयोजनों में वर्चस्व को लेकर गैंगवार का परिणाम है। एसएसपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें बिल्कुल गलत है। इसे ना फैलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार यह घटना गैंगस्टरों का कबड्डी मैचों पर नियंत्रण और वर्चस्व स्थापित करने से जुड़ी है।
एक शूटर पर 13 और दूसरे पर दो मामले दर्ज
एसएसपी ने बताया कि आदित्य कपूर उर्फ मक्खन के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में कुल 13 एफआईआर दर्ज हैं, जबकि करण पाठक उर्फ डिफॉल्टर करण दो मामलों में नामजद है। दोनों आरोपी पहले भी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान यह वारदात हुई, उसके आयोजन के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी अनुमति ली गई थी। घटना उस समय हुई जब राणा बलाचौरिया की टीम का मैच समाप्त हो चुका था और वह आयोजन स्थल से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान घात लगाए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताकर एसएसपी हंस ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।