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दो वीडियो ने बदली एलपीयू बवाल की कहानी: पहले कहा- कमरे में कुछ नहीं हुआ, फिर बोलीं- हमें बोला गया क्या कहना है

Mon, 28 Sep 2026 04:39 PM IST
विकास कुमार सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर

सार

एलपीयू में पूरा विवाद कथित दुष्कर्म और उसके बाद छात्रा की आत्महत्या की अपुष्ट खबरों से शुरू हुआ। इन दावों की पुष्टि किए बिना ही बात सोशल मीडिया और कैंपस में तेजी से फैलती गई। धीरे-धीरे एक खास हॉस्टल और फिर कमरा नंबर 504 चर्चा के केंद्र में आ गया।
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एलपीयू में मचे बवाल के बीच सामने आए दो वीडियो - फोटो : अमर उजाला
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में पिछले दो दिनों से मचे बवाल के बीच दो वीडियो अब पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम हिस्सा बनकर सामने आए हैं। पहले वीडियो में गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राएं साफ तौर पर कहती दिखाई देती हैं कि उनके कमरे में ऐसा कुछ नहीं हुआ और उन्हें परेशान न किया जाए। लेकिन इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में उन्हीं छात्राओं की ओर से कहा गया कि उन्हें पहले ही बताया गया था कि वीडियो में क्या कहना है और उनके बयान का इस्तेमाल उनकी जानकारी या सहमति के बिना किया गया। इन दोनों वीडियो ने पहले से चल रही अफवाहों और आरोपों के बीच कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
पहला वीडियो आया तो लगा विवाद खत्म हो जाएगा
छात्रों के प्रदर्शन और कथित दुष्कर्म की अफवाहों के बीच विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने एक वीडियो जारी किया। इसमें कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं को सामने लाया गया। विश्वविद्यालय की ओर से इन छात्राओं के बयान को इस बात के समर्थन में रखा गया कि जिस कमरे को लेकर दुष्कर्म की चर्चा चल रही है, वहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई।
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लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी - फोटो : पीटीआई
क्या है पहले वीडियो में
पहली छात्रा ने कहा कि वे कमरा नंबर 504 में रहने वाली छात्राएं हैं और उनके कमरे में ऐसा कुछ नहीं हुआ। उसने यह भी कहा कि वे पिछले दो महीने से वहां रह रही हैं और पुलिस और छात्रों से उन्हें परेशान नहीं करने की अपील की। दूसरी छात्रा ने भी कहा कि वे पूरे दिन परेशान रही हैं और आगे परेशानी होने पर अपने माता-पिता को बुलाने की बात कही। तीसरी छात्रा ने पुलिस से भी बार-बार कमरे में आने से रोकने की अपील की। वीडियो के अंत में विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार ने प्रदर्शन और अशांति को झूठी और मनगढ़ंत अफवाहों से जोड़ते हुए इसे विश्वविद्यालय को बदनाम करने की साजिश बताया।

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कमरा नंबर 504 की छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
लेकिन दूसरे वीडियो ने पूरी कहानी फिर पलट दी…
पहले वीडियो के बाद मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया। उन्हीं तीन छात्राओं का एक दूसरा वीडियो सामने आया। इसमें एक छात्रा ने कहा कि प्रशासन की ओर से उन्हें रिकॉर्डिंग करने और कुछ विशेष बातें कहने के लिए कहा गया था। उसके मुताबिक, उन्हें यह कहने के लिए कहा गया था कि छात्र और दूसरे लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो का एक हिस्सा काटकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया और इसके लिए उनकी सहमति नहीं ली गई।
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लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आगजनी - फोटो : पीटीआई
'पूरे मामले में हमारा कोई लेना-देना नहीं'
दूसरी छात्रा ने कहा कि इस पूरे मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है और अचानक उनके कमरे को चुनकर उसका नाम सामने ला दिया गया। उसने भी लोगों से उन्हें अकेला छोड़ने की अपील की। दोनों वीडियो को साथ रखकर देखें तो घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि पहले वीडियो में छात्राएं जिस तरह कमरे में किसी घटना से इनकार करती नजर आती हैं, बाद के वीडियो में वही छात्राएं रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया और अपने बयान के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाती दिखाई देती हैं।
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लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उठ रहे तीन सवाल
इससे तीन बड़े सवाल सामने आते हैं पहला, पहले वीडियो की रिकॉर्डिंग किन परिस्थितियों में हुई? दूसरा, छात्राओं को बयान देने से पहले क्या निर्देश दिए गए थे? और तीसरा, दूसरे वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच कैसे होगी?
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lpu violence - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कमरा नंबर 504 बना केंद्र
एलपीयू में पूरा विवाद कथित दुष्कर्म और उसके बाद छात्रा की आत्महत्या की अपुष्ट खबरों से शुरू हुआ। इन दावों की पुष्टि किए बिना ही बात सोशल मीडिया और कैंपस में तेजी से फैलती गई। धीरे-धीरे एक खास हॉस्टल और फिर कमरा नंबर 504 चर्चा के केंद्र में आ गया।

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डीजीपी गौरव यादव - फोटो : ANI
पुलिस के सामने अब ये चुनौती
पुलिस के सामने एक तरफ कथित घटना की वास्तविकता पता लगाने की चुनौती थी तो दूसरी तरफ तेजी से फैलती अफवाहों के कारण बिगड़ती कानून-व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी। जैसे-जैसे छात्रों की भीड़ बढ़ी, मामला प्रदर्शन से आगे बढ़कर तोड़फोड़ और आगजनी तक पहुंच गया। दोनों वीडियो सामने आने के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि अफवाह की शुरुआत किस सूचना से हुई, उसे किसने आगे बढ़ाया और कमरा नंबर 504 का नाम पहली बार किस आधार पर सामने आया। साथ ही दोनों वीडियो की रिकॉर्डिंग की परिस्थितियों और छात्राओं के बाद के आरोपों की भी स्वतंत्र जांच जरूरी है।
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लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बवाल - फोटो : पीटीआई
दो वीडियो, दो कहानी
फिलहाल दो वीडियो दो अलग-अलग तस्वीरें सामने रख रहे हैं। पहले वीडियो में छात्राएं कमरे में किसी घटना से इनकार करती हैं, जबकि दूसरे वीडियो में वे कहती हैं कि उन्हें पहले से बताया गया था कि क्या कहना है और उनके बयान का इस्तेमाल उनकी सहमति के बिना किया गया। ऐसे में अंतिम सच किसी वीडियो के आधार पर नहीं, बल्कि स्वतंत्र जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और आधिकारिक निष्कर्षों से ही सामने आएगा।
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