कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पंजाब सरकार ने कई बंदिशें लगाई हुई हैं। इन्हीं बंदिशों के कारण कोचिंग सेंटर भी बंद हैं। ऑनलाइन क्लासें लगाई जा रही हैं। वहीं बसों में सफर पर कोई पाबंदी नहीं है। ऐसे में जालंधर के एक शिक्षक ने विद्यार्थियों को पढ़ाने का एक नया जुगाड़ खोज निकाला है। शहर के प्रो़ एमपी सिंह ने बस के अंदर बच्चों की क्लास ली। कोचिंग फेडरेशन के जिला प्रधान और केमिस्ट्री गुरु के संचालक प्रोफेसर एमपी सिंह ने कहा कि जिस यूके स्ट्रेन ने भारत में तबाही मचाई है, उस यूके में भी पढ़ाई बंद नहीं की गई है। क्लास में 10 बच्चे पहुंचे थे। एमपी सिंह ने कहा कि उन्होंने यह विरोध इसलिए किया ताकि पंजाब सरकार तक अपनी आवाज पहुंचा सकें कि कोचिंग सेंटर बंद होने से बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। सरकार कोरोना के सख्त नियम तय कर दे लेकिन उन्हें कोचिंग सेंटर खोलने दे।
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बस में बच्चों की पढ़ाई।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर बस स्टैंड पर प्रो़ एमपी सिंह ने स्कूल बस के भीतर स्टूडेंट्स की क्लास लगाई और उनको पढ़ाया। एमपी सिंह ने कहा कि क्लास बंद हैं लेकिन बसें तो चल रही हैं। इसी कारण उन्होंने बस में पढ़ाई करवाई। बच्चों की पढ़ाई खराब न हो, इसलिए उन्होंने ये तरीका अपनाया है।
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बस में पढ़ने आए बच्चे।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं बस में पढ़ने आए बारहवीं क्लास के बच्चों ने भी कहा कि ऑनलाइन क्लास से उन्हें फायदा नहीं हो रहा। कभी उनका नेट ढंग से नहीं चलता तो कभी कंप्यूटर या मोबाइल खराब हो जाता है। ऐसे में उनकी पढ़ाई बर्बाद हो रही है।
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बस में पढ़ रहे बच्चे।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एमपी सिंह ने कहा कि सरकार ने बसों में 50 फीसदी यात्रियों को बैठने की छूट दी है। इसलिए वे 52 सीट की बस में सिर्फ 10 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को एतराज न हो तो वे आगे भी और बच्चों को बुलाकर बस में ही कोचिंग सेंटर चलाने को तैयार हैं।
कुछ दिन पहले भी एमपी सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर कटाक्ष किया था। इससे पहले भी वह सोशल मीडिया पर कैप्टन पर अकसर व्यंग्य कसते हैं। इस दौरान एमपी सिंह ने कहा कि वे बच्चों की पढ़ाई खराब नहीं होने देंगे।