धर्मेंद्र के फार्महाउस की तस्वीरें
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फगवाड़ा के स्कूल में पढ़ाते थे पिता
धर्मेंद्र का जन्म बेशक लुधियाना के पास साहनेवाल में हुआ था लेकिन उन्होंने अपने बचपन के दिन फगवाड़ा में बिताए, जहां उनके पिता, मास्टर केवल कृष्ण चौधरी आर्य हाई स्कूल में गणित और सामाजिक अध्ययन पढ़ाते थे। धर्मेंद्र ने 1950 में यहीं से मैट्रिक की। 1952 तक रामगढ़िया कॉलेज में आगे की पढ़ाई की और फिर एक ऐसे सपने के साथ मुंबई चले गए जो एक दिन भारतीय सिनेमा को नया रूप देने वाला था।
आर्य हाई स्कूल में उनके सहपाठी, वरिष्ठ एडवोकेट एस.एन चोपड़ा ने बताया कि धर्मेंद्र मृदुभाषी, विनम्र और हमेशा मुस्कुराते रहते थे। उनमें एक खास चमक थी। प्रसिद्धि ने उनकी विनम्रता को कभी नहीं बदला। हरजीत सिंह परमार ने कहा कि जब भी वह आते, तो हमारे साथ बैठना, पुरानी बातें करना, मजाक करना और पुरानी यादें ताजा करना चाहते थे। वह कभी किसी स्टार की तरह नहीं आए, वह हमारे दोस्त की तरह आए।