कुलगाम में आतंकी मुठभेड़ में बलिदान हुए फतेहगढ़ साहिब के हरमिंदर सिंह ने परिवार को वीडियो कॉल की थी। हरमिंदर एक दिन पहले से बार-बार वीडियो कॉल करके हंस हंस कर बातें कर रहा था। वह कह रहा था कि कुछ नहीं पता कब मेरी छाती में दुश्मन की गोली लग जाए।
जम्मू कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में बलिदान हुए हरमिंदर सिंह ने एक दिन पहले अपनी मां गुरमीत कौर को वीडियो कॉल की थी। बलिदानी ने वहां की मौजूदा स्थिति के बारे में भी अपनी मां को बताया था। उसने मां को बताया था कि आतंकवादियों ने उन्हें चारों ओर से घेरा हुआ है।
चाचा दर्शन सिंह ने भी भरे गले से बताया कि हरमिंदर के पिता ने उसे कई बार कहा था कि बेटा तुम शादी कर लो पर उसने कहा कि वह फौज में सेट हो गया है। घर आकर सबसे पहले घर बनाएगा फिर शादी करेगा।
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बलिदानी हरमिंदर सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चाचा ने बताया कि हरमिंदर एक दिन पहले से बार-बार वीडियो कॉल करके हंस हंस कर बातें कर रहा था। वह कह रहा था कि कुछ नहीं पता कब मेरी छाती में दुश्मन की गोली लग जाए। इसलिए वह अपने परिवार के सभी सदस्यों से बात कर रहा है।
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हरमिंदर सिंह के माता-पिता बेटे की फोटो हाथ में लेकर विलाप करते हुए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दर्शन सिंह ने कहा कि हमारे गरीब बच्चों की लाशों पर देश की सियासत हो रही है। हमारे घर की रोजी-रोटी का वह अकेला ही जरिया था। वह भी सरकारों की कमी की वजह से शहीद हो गया। शहीद के पिता मानसिक तौर पर परेशान हैं। मां का रो-रो कर बुरा हाल हो चुका है।
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हरमिंदर सिंह के माता-पिता बेटे की फोटो हाथ में लेकर विलाप करते हुए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उल्लेखनीय है कि शहीद हरमिंदर सिंह की घर की हालत बहुत दयनीय है, कच्चा घर, जिसकी छत टूटी हुई है और मां चूल्हे पर खाना बनाती है। हरमिंदर सिंह अपने पीछे माता पिता, छोटा भाई और एक मानसिक तौर पर बीमार छोटी बहन छोड़ गया है। घर की सारी जिम्मेदारी हरमिंदर सिंह के ऊपर थी।
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देश के लिए शहीद हुए पंजाब के दोनों जवान।
- फोटो : संवाद
अभी तक नौ जवान जख्मी, दो आतंकी ढेर
कुलगाम के अखल में ऑपरेशन के दौरान अभी तक सुरक्षाबलों के नौ जवान घायल हुए हैं। मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं। इनमें से केवल एक की ही शिनाख्त पुलवामा के हारिस नजीर के तौर पर हुई है जो 2023 से लश्कर-ए-तैयबा में सक्रिय था। यह मुठभेड़ पिछले शुक्रवार को शुरू हुई थी जब सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद दक्षिण कश्मीर जिले के अखल के एक जंगली इलाके में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
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ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल।
- फोटो : बसित जरगर
इस ऑपरेशन को सेना की स्पेशल पैरा फोर्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), कुलगाम पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की ओर से अंजाम दिया जा रहा है।
ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके में मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल।
- फोटो : बसित जरगर
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व उमर ने दी श्रद्धांजलि
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कुलगाम में जारी मुठभेड़ में बलिदान हुए दो सैन्य कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनकी वीरता, साहस और दृढ़ संकल्प को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और बादामी बाग स्थित सेना की चिनार कोर मुख्यालय का दौरा किया।