पंजाब के किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर अपनी मांगों को लेकर मोर्चा लगाया है। आंदोलन में पूरे पंजाब से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर और ट्रालियां पहुंची हैं। मोर्चे को देखते हुए चंडीगढ़-मोहाली सीमा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की तैनाती की गई है।
चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर पंजाब के किसान डटे हुए हैं। पूरे पंजाब से हजारों ट्रैक्टर-ट्रालियां मोहाली पहुंच चुकी हैं। किसान लंबी लड़ाई के लिए पूरी तैयारी के साथ आए हैं।
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लस्सी का लंगर
- फोटो : अमर उजाला
मोर्चे में बैठे किसान लगातार लंगर बनाने और बांटने में सेवा कर रहे हैं। गुरुवार को मोर्चे ने लस्सी का लंगर लगाया। वहीं मोर्चे पर एक रैली भी निकाली गई।
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किसान मोर्चा में लंगर
- फोटो : अमर उजाला
किसानों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने पर किसानों ने इसका सख्त नोटिस लिया है। मोर्चे ने 4 सितंबर को वरिष्ठ पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई है। बैठक के बाद आंदोलन को लेकर बड़ा एलान किया जा सकता है।
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कुरता खरीदते किसान
- फोटो : अमर उजाला
किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सड़क के एक हिस्से पर पहले ही डेरा डाल दिया था। अब दूसरे हिस्से में भी किसानों का जमावड़ा बढ़ने लगा है। हालांकि मोर्चा अभी सात दिन का है लेकिन किसान तैयारी के साथ पहुंचे हैं। किसानों के लिए कुरते पायजामे की दुकानें भी लग गई हैं।
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मोर्चा में दवाएं बांटी जा रही हैं
- फोटो : अमर उजाला
मोर्चे पर लंगर के लिए महिलाएं भी दिहाड़ी पर काम कर रही हैं। एक किसान ने बताया कि वह अपने गांव से 35 ट्रैक्टर और ट्रालियां लेकर आया है। वहीं किसानों के लिए मोर्चे में दवाएं भी वितरित की जा रही हैं।
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किसान मोर्चा
- फोटो : अमर उजाला
किसानों ने कहा कि कई दिनों तक धरनास्थल पर रहने के लिए जरूरी सुविधाओं की जरूरत है। प्रशासन को पीने के पानी, सफाई और अन्य बुनियादी इंतजामों का ध्यान रखना चाहिए। किसानों ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग भी दोहराई।
किसानों के सात दिवसीय पक्के मोर्चे का असर अब आसपास के बाजार तक पहुंच गया है। बढ़ती भीड़ के साथ दूध, सब्जी, आटा और दाल की मांग भी बढ़ गई है। इसका सबसे साफ असर फेज-11 मार्केट में दिखा। बुधवार सुबह कई दुकानों पर दूध खत्म हो गया और स्थानीय लोगों को परेशानी हुई।