अमृतसर में बीएसएफ के अलावा राष्ट्रीय आपदा दल की टीमें भी लगातार जुटी हैं। लोगों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। किसानों की खड़ी फसलों और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार हो रही बारिश से अमृतसर में रावी दरिया का जल स्तर खतरे के निशान के ऊपर चला गया है। जिले के 40 से ज्यादा गांव में पानी भर गया है। वीरवार को भारतीय सेना की ओर से मोर्चा संभालते हुए लोगों को रेस्क्यू करने का काम शुरू किया और बाढ़ प्रभावित गांव से लोगों को निकाल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
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अमृतसर में बाढ़
- फोटो : संवाद
डीसी साक्षी साहनी की ओर से भी वीरवार सुबह 4:00 बजे ही प्रभावित गांव में जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए चल रहे काम में अपनी भी मदद दी।
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अमृतसर में बाढ़
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डीसी ने बताया कि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में 40 के करीब गांव प्रभावित हुए हैं। जिनमें कई लोग फंसे हुए हैं। लेकिन रेस्क्यू टीम लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में लगी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से भी लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किया जा रहे हैं।
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अमृतसर में बाढ़
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अमृतसर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन और विधायक मोर्चे पर डट गए हैं। डीसी साक्षी साहनी, एसएसपी मनिंदर सिंह के साथ विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल दिन-रात लोगों की मदद में जुटे हुए हैं।देर रात तक प्रशासनिक टीमों ने लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। अफसर और विधायक खुद पानी में उतरे और लोगों को ट्रैक्टरों पर बिठाकर सुरक्षित स्थानों तक ले गए।
सेना के जवान भी नावों और जरूरी साजोसामान के साथ मौके पर पहुंचे और राहत और बचाव अभियान में जुट गए। लोगों की जान बचाने के लिए सेना ATOR N1200 (advanced amphibious all-terrain vehicle) का उपयोग भी कर रही है।