दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को कोरोना संकटकाल के दौरान अभिनेता अमिताभ बच्चन की तरफ से 12 करोड़ दिए जाने पर विवाद गरमाया हुआ है। अब इन चर्चाओं के बीच अमिताभ बच्चन की तरफ से 84 दंगों के लगे आरोपों को नकारते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र लिखने का मामला सामने आया है। हालांकि यह पत्र दस साल पहले लिखा गया था। अमिताभ ने इसमें 1984 के दिल्ली दंगों को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को अपना स्पष्टीकरण दिया था। यह पत्र अमिताभ बच्चन ने 2012 में मुंबई के रहने वाले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य गुरिंदर सिंह बावा के जरिए श्री अकाल तख्त साहिब को भेजा था। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया था कि वह सिख कौम को ठेस पहुंचाने के बारे में कभी सपने में भी नहीं सोच सकते। तीन पन्नों के पत्र में बहुत ही भावुक शब्दों के जरिए अमिताभ ने 1984 में हुए सिख कत्लेआम में उनके खिलाफ हिंसा भड़काने में शामिल होने के आरोप को गलत बताया था।