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जब अकेले ही कंगारू टीम को 'रुला' दिया, 7 ऐसी महान पारियां

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टीम इंडिया एक साल के भीतर दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। इस बार दोनों के बीच 5 वनडे और 2 टी-20 मैच होने हैं। सीरीज का पहला मैच 12 जनवरी मंगलवार को पर्थ में होगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले हम आपको बता रहे हैं भारत की ओर से खेली गई उन 7 महान पारियों के बारे में जिन्होंने अकेले ही कंगारुओं को रुला दिया।
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जब अकेले ही कंगारू टीम को 'रुला' दिया, 7 ऐसी महान पारियां

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मार्च 1985 बेंसन एंड हेडेज वर्ल्ड चैंपियन‌शिप ऑफ क्रिकेट के एक मैच में भारतीय टीम के जीत के हीरो श्रीकांत रहे थे। इस धाकड़ ओपनर ने 93 नाबाद रनों की पारी खेली। उन्होंने 12 चौके भी लगाए। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया 163 रनों पर सिमट गई थी जबकि टीम इंडिया ने 8 विकेट और 85 गेंद रहते ही मैच अपने नाम किया। इस मैच में भारतीय फिरकी गेंदबाज रोजर बिन्नी ने 3 विकेट लिए थे।
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ऑस्ट्रेलिया के पर्थ के मैदान में 8 दिसंबर 1991 को बेन्सन एंड हेज वर्ल्ड सीरीज के दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया और भारत आमने-सामने थी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 208 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया सिर्फ 101 रन ही बना सकी। भारत यह मैच 107 रन से जीता। मैच के हीरो रहे ऑलराउंडर रवि शास्‍त्री। उन्होंने हालांकि बल्ले से सिर्फ 10 रनों का योगदान दिया लेकिन गेंदबाजी में 5 विकेट झटककर कंगारू बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी थी।

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24 अप्रैल 1998 में शारजहां में दोनों टीमों के बीच हुआ मुकाबला हर भारतीय प्रशंसक के जेहन में आज भी स्फूर्ति पैदा करता है। इस मैच में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की खेली गई शतकीय पारी आज भी अविश्ववसनीय है। कोका-कोला कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए 272 रनों का तगड़ा लक्ष्य दिया। जवाब में भारतीय टीम 6 विकेट रहते ही मैच जीत गई। इस मैच में सचिन ने 131 गेंदों में 134 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। जिसमें 12 चौके और 3 छक्के भी जड़े थे।

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ब्रिसबेन में वनडे वर्ल्ड कप 1992 में खेला गया ऐतिहासिक मैच आज भी हर भारतीय प्रशंसक के आंखों में आंसू ला देता है। भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन का दुर्भाग्यवश रन आउट होना आज भी खलता है। भारत यह मैच एक रन से हारा। हालांकि भारतीय कप्तान की खेली गई पारी अद्भुत थी। उन्होंने 93 रनों की धैर्यवान पारी खेली थी।
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जनवरी 2004 में टीम इंडिया के वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण (103) की शतकीय पारी, जिसकी बदौलत टीम इंडिया 19 रन से मैच जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी की और 4 विकेट पर 303 रन बना डाले। जवाब में ऑस्ट्रेलियाई ओपनर मैथ्यू हेडेन ने भी सेंचुरी ठोकी और 109 रन बनाए लेकिन पूरी टीम 284 रनों पर ढ़ेर हो गई। इस मैच में गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने 4 और इरफान पठान ने 3 विकेट लिए थे।
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ब्रिसबेन में मार्च 2008 में हुए कॉमनवेल्‍थ बैंक सीरीज के दूसरे फाइनल मैच में सचिन तेंदुलकर की नर्वस नाइंटीज ने टीम इंडिया को 9 से मैच जिताया। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने सचिन के 91 रनों के योगदान के बाद 258 रन बनाए। जवाब में पूरी कंगारू टीम 249 रन ही बना सकी।
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अब यहां जानिए, टीम इंडिया के मौजूदा वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की फरवरी 2012 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 44 रनों की शानदार पारी, धोनी ने 112 मीटर लंबा छक्का लगाकर भारत की झोली में मैच डाला था। हालांकि इस मैच में टीम इंडिया के उच्चतम स्कोरर गौतम गंभीर (92) रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के 269 रनों के जवाब में भारत यह मैच 2 गेंद रहते जीत गया था।

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