भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सीरीज का तीसरा टेस्ट नागपुर में बुधवार से खेला जाना है और यह मैच दोनों टीमों के लिए बेहद खास है। और इसके लिए दोनों टीमें जमकर अभ्यास भी कर रही हैं।
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क्या यह 'तिकड़ी' नागपुर में तोड़ सकेगी नाकामी का सिलसिला!
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टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली भी फॉर्म में दिख रहे हैं और उनसे बड़ी पारी की आस है।
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शिखर धवन और मुरली विजय की टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी ने चेन्नई टेस्ट में बड़ी साझेदारी कर लय हासिल कर ली थी लेकिन बारिश ने खेल में बाधा डाल दी। अब इस जोड़ी को नागपुर में भी शानदार शुरुआत की आस है।
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सीरीज के पहले मैच में विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया ने मोहाली में बड़ी जीत हासिल की थी और उसे उम्मीद थी कि चेन्नई में जीत हासिल कर सीरीज में अजेय बढ़त बना लेगी लेकिन लगातार बारिश ने मैच को रद करा दिया। अब सबकी नजर नागपुर टेस्ट पर है जहां मेजबान टीम अजेय बढ़त बनाना चाहेगी तो अफ्रीकी टीम सीरीज में वापस आना चाहेगी।
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नागपुर के जामथा स्टेडियम में ही इसी अफ्रीकी टीम ने भारत की सरजमीं पर आखिरी बार कोई टेस्ट मैच जीता था। 2010 में भारत को मिली यह हार इस मैदान पर उसकी एकमात्र हार रही है। भारत ने यहां पर 4 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उसे 2 में जीत मिली और एक मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ।
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भारत में खेली जा रही सीरीज में लगातार 3 बार दक्षिण अफ्रीकी टीम ऑलआउट हुई है और उसके बल्लेबाज भारतीय फिरकी गेंदबाजों के आगे लगातार संघर्ष कर रहे हैं लेकिन यह मैदान ऐसा है जहां पर अफ्रीकी टीम ने पिछली बार लाजवाब प्रदर्शन किया था।
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भारतीय फिरकी गेंदबाज 2010 में खेली गई सीरीज में विपक्षी कप्तान हाशिम अमला पर अंकुश नहीं लगा सके थे। इस सीरीज में उन्होंने 1033 गेंदों का सामना किया और 3 पारियों में सिर्फ एक बार ही आउट हुए। हालांकि इस बार उनका बल्ला नहीं चल रहा और 121 गेंदों में 3 बार आउट हो चुके हैं।
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टीम इंडिया में शामिल इस समय फिरकी गेंदबाजों के लिए नागपुर का यह मैदान बेहद खराब साबित हुआ है। टीम के फिरकी गेंदबाजों का गेंदबाजी औसत 46.09 के आसपास है। इस मैदान पर टीम में शामिल फिरकी गेंदबाजों ने सिर्फ एक बार ही 10 विकेटों के आंकड़ों को छुआ है। 2008-09 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में अमित मिश्रा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। आर अश्विन, अमित और रविंद्र जडेजा ने मिलकर 3 मैचों में 11 विकेट झटके हैं।
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2010 में नागपुर में खेले गए इसी टेस्ट मैच में तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने भी कहर बरपाया था। पहली पारी में स्टेन ने 51 रन देकर 7 विकेट निकाले जो किसी विदेशी तेज गेंदबाज का इस मैदान पर 19 साल बाद सबसे नायाब प्रदर्शन था। उन्होंने इस मैच में 10 विकेट झटके थे।
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भारत ने पहला टेस्ट मोहाली में जीता और बंगलूरू में दूसरा टेस्ट मैच बारिश के कारण ड्रॉ समाप्त हुआ। ओपनर विजय का मानना है कि भारतीय टीम का मनोबल ऊंचा है और मोहाली में दोनों पारियों में क्रमश: 201 और 200 रन ही बना पाने के बावजूद यह चिंता का सबब नहीं है।
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फॉर्म में चल रहे सलामी बल्लेबाज मुरली विजय का मानना है कि भारतीय स्पिनरों ने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों पर जो जबर्दस्त दबाव बनाया उससे मेजबान टीम अब तक चार मैचों की सीरीज में अपना दबदबा बनाए रखने में सफल हुई है। विजय ने तीसरे टेस्ट मैच से पहले जामथा के वीसीए स्टेडियम में कहा कि ईमानदारी से कहूं तो बल्लेबाजों पर जो दबाव हमने बनाया वह करीब से देखने में अविश्सनीय था। गेंदबाजों ने बल्लेबाजों पर हावी होने की कोशिश की और हमारे लिए यह अच्छा साबित हो रहा है।
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दक्षिण अफ्रीका के चोटिल तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने सोमवार को नेट्स में कुछ देर गेंदबाजी की जिससे भारत के खिलाफ 25 नवंबर से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट की अंतिम एकादश में उन्हें शामिल करने की उम्मीद जगी है लेकिन उनके तेज गेंदबाजी जोड़ीदार मोर्ने मोर्केल ने कहा कि अभी उनकी फिटनेस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्हें टीम में शामिल करने का अंतिम फैसला यहां जामथा के वीसीए स्टेडियम में तीसरे टेस्ट के पहले दिन सुबह किया जाएगा।