वे नौसिखिए गेंदबाज जिन्होंने अकेले दम पर टीम इंडिया की तगड़े बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया। पढ़ें, ऐसे ही 5 किस्से।
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वे नौसिखिए गेंदबाज जिन्होंने टीम इंडिया को अकेले धो डाला
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जिम्बाब्वे टीम के मध्यम गति के गेंदबाज हेनरी ओलंगा वैसे तो ज्यादा समय अपनी टीम के साथ नहीं रहे। लेकिन ये उन गेंदबाजों में शामिल हैं जिन्होंने टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया था। 90 के दशक में कोका-कोला चैंपियंस ट्रॉफी सीरीज में टीम इंडिया बनाम जिम्बाब्वे के बीच इस गेंदबाज ने 46 रन देकर 4 झटके थे। भारत को सिर्फ 206 रनों का टारगेट मिला था पर 28 रनों के भीतर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ आउट हो चुके थे। भारत यह मैच 13 रन से हारा था।
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वे नौसिखिए गेंदबाज जिन्होंने टीम इंडिया को अकेले धो डाला
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न्यूजीलैंड के खिलाफ 2013-14 दौरे में 4 वनडे मैचों की सीरीज भारत 0-3 से हार चुका था। आखिरी मैच सिर्फ सम्मान बचाने को थी। कीवी टीम ने इस मुकाबले में 304 रनों का बड़ा लक्ष्य दिया। तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने 38 रन देकर 4 विकेट लेकर टीम इंडिया का शीर्ष क्रम नेस्नाबूत कर दिया था। इस गेंदबाज ने शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे और अंबाती रायडू को सस्ते में चलता किया। डेथ ओवरों में भी इस गेंदबाज ने भारतीय टीम को मौका नहीं दिया। नतीजा भारत के प्रतिकूल निकला। कीवी ने इस मैच में भी 87 रन से बाजी मारी।
वे नौसिखिए गेंदबाज जिन्होंने टीम इंडिया को अकेले धो डाला
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जिम्बाब्वे का एक और नौसिखिया गेंदबाज डोगलास होंडो टीम इंडिया पर भारी पड़ा। जिम्बाब्वे टीम भारत दौरे में थी। 5 मैचों की सीरीज में 1-1 के बाद कोच्चि में वह तीसरा मैच था। टॉस जीतकर भारत पहले बल्लेबाजी करने उतरा। इस गेंदबाज ने भारत का शीर्ष क्रम बिखेर दिया। दिनेश मोंगिया, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के महत्वपूर्ण विकेट झटके। भारत इस मुकाबले में सिर्फ 191 रन ही बना सका। जिम्बाब्वे ने यह मैच 6 विकेट से जीता।
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वे नौसिखिए गेंदबाज जिन्होंने टीम इंडिया को अकेले धो डाला
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2015 में वर्ल्ड कप की हार के बाद टीम इंडिया बांग्लादेश दौरे में थी। तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मैच में बांग्लादेश के नौसिखिए गेंदबाज मुश्तिफिजुर रहमान ने भारतीय बल्लेबाजों को चौंका दिया। ढाका में हुए मुकाबले में इस गेंदबाज ने 5 विकेट झटके। बांग्लादेश के 307 रनों के जवाब में भारतीय टीम 95 रन पर बिना विकेट गंवाए चल रही थी लेकिन इस गेंदबाज के हैरतंगेज गेंदबाजी की बदौलत टीम इंडिया यह मैच 79 रनों से हार गई।
वे नौसिखिए गेंदबाज जिन्होंने टीम इंडिया को अकेले धो डाला
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2008 एशिया कप का फाइनल मुकाबला हर भारतीय प्रशंसक के लिए बुरे स्वप्न जैसा ही है। टीम इंडिया की बल्लेबाजी को ध्वस्त करने वालों में अजंता मेंडिस अव्वल हैं। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने सनद जयासूर्या के 125 रनों की बदौलत 273 रन ठोंके। जवाब में टीम इंडिया 173 रनों पर सिमट गई। इस मैच में नौसिखिए अजंता मेंडिस ने भारतीय बल्लेबाजों पर कहर बरपाया। इस गेंदबाज ने 13 रन देकर 6 विकेट झटके। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग ने 60 रन बनाए। लेकिन मेंडिस के पहले ओवर में ही वह चलते बने।