किसी भी क्रिकेटर के लिए इससे बुरा क्या होगा कि उसका टेस्ट करियर बेहद शानदार रहा लेकिन जब उसने वनडे करियर का आगाज किया तो अपने पहले ही वनडे में शून्य पर आउट हो गया। यह कोई आम बल्लेबाज भी नहीं था उसका टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी का औसत 57.78 रहा। 93 टेस्ट मैचों में 8032 रन बनाने के बाद वनडे करियर का आगाज शानदार नहीं रहा।
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टेस्ट में 8032 रन बनाने के बाद वनडे में मिला मौका, 0 पर हुए आउट
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हम यहां जिस क्रिकेटर की बात कर रहे हैं उनका नाम है सर गैरी सोबर्स। सोबर्स की गिनती दुनिया के महानतम ऑलराउंडरों में होती है। वह टेस्ट में न सिर्फ बल्लेबाजी में जबर्दस्त कामयाब रहे बल्कि गेंदबाजी में भी कमाल कर दिखाया था। 93 टेस्ट मैचों के शानदार करियर में सोबर्स ने 26 शतक और 30 अर्धशतक के साथ 8032 रन बनाए। साथ ही गेंदबाजी में 235 विकेट भी लिए।
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वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज और पूर्व कप्तान गैरी सोबर्स को उनके शानदार खेल के कारण ही सर की उपाधि से नवाजा गया। टेस्ट में वह बेहद कामयाब क्रिकेटर रहे और वह उन क्रिकेटरों में शामिल हैं जिनके बूते कैरेबियाई टीम ने 60-70 के दशक में क्रिकेट में वर्चस्व कायम बनाए रखा था।
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लेकिन सर गैरी सोबर्स जो टेस्ट में बेहद कामयाब रहे लेकिन जब उन्हें वनडे में करियर की शुरुआत की तो वह पहले ही मैच में बुरी तरह से नाकाम रहे। टेस्ट में 93 मैच, 8032 रन, 26 शतक और 235 विकेट लेने के बाद जब सोबर्स को पहला वनडे मैच खेलने का मौका मिला तो वह इस मैच में खाता भी नहीं खोल सके। हालांकि एक विकेट झटकने में कामयाब रहे।
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टेस्ट में 8032 रन बनाने के बाद वनडे में मिला मौका, 0 पर हुए आउट
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टेस्ट में सफलता के झंडे गाड़ने वाले गैरी सोबर्स वनडे में कामयाब नहीं रहे। हालांकि उन्होंने अपने शानदार करियर में सिर्फ एक वनडे मैच ही खेला जिसमें वह शून्य पर आउट हो गए थे। यह मैच आज ही यानी 5 सितंबर, 1973 को लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया था।
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गैरी सोबर्स का शानदार टेस्ट करियर 20 साल का रहा। अप्रैल, 1954 को टेस्ट में पदार्पण करने के बाद उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच अप्रैल, 1974 को खेला। जबकि उन्होंने अपने करियर में एकमात्र वनडे मैच खेला।