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जिसे स्कूल जाने से रोका, उसने देश को दिलाया पदक

Sat, 26 Jul 2014 02:04 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने दूसरे दिन स्वर्ण पदक जीता, जबकि 16 साल की मलाइका ने देश को रजत पदक दिलाया। शूटिंग रेंज से बाहर साथियों की सफलता की तस्वीर उतारते निशानेबाज गगन नारंग।
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निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने 10 मीटर एयर पिस्टल में स्‍वर्णिम सफलता हासिल कर राष्ट्रमंडल खेलों से विदा भी ले लिया।
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पूर्व ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा ने राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया।

जिसे स्कूल जाने से रोका, उसने देश को दिलाया पदक‌

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देश की उभरती निशानेबाज मलाइका गोयल ने राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार खेल दिखाते हुए पदक जीत लिया। यह जीत इस लिहाज से बेहद खास है क्योंक‌ि उनकी उम्र महज 16 साल ही है। इस गेम्स में निशानेबाजी में देश को पदक दिलाने वाली वह पहली महिला हैं।

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राष्ट्रमंडल खेलों में मलाइका गोयल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पीस्टल मुकाबले में रजत पदक जीत लिया है। पदक वितरण के बाद अन्य पदक विजेताओं के साथ मलाइका।
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16 साल की मलाइका गोयल जब छठी क्लास में थी तो उन्हें स्कूल जाने से रोक दिया गया। लेकिन लुधियाना की इस प्रतिभाशाली निशानेबाज ने देश के लिए सफलता का इतिहास रचा और रजत पदक दिलाया।
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मलाइका 378 अंकों साथ क्वालीफाइंग में चौथे स्थान पर थीं। लेकिन फाइनल में सिंगापुर की शुन झी तियो ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 198.6 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक जीत लिया। जबकि वह 197.1 अंक के साथ रजत जीतने में कामयाब रहीं।

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दुनिया की नंबर एक निशानेबाज हीना सिद्धू ने क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष पर रहने के बावजूद निराशा किया और फाइनल में सातवें स्थान पर रहते हुए वह पदक से चूक गईं। हिना ने दिल्ली में टीम स्पर्द्धा में स्वर्ण और व्यक्तिगत स्पर्द्धा में रजत पदक हासिल किया था।

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वर्ल्ड नंबर 4 निशानेबाज हिना सिद्धू से काफी आस थी लेकिन उन्होंने सभी को निराश किया और शीर्ष 4 खिलाड़ियों में भी जगह नहीं बना सकी। अपने प्रदर्शन से निराश हिना।
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भारत की भारोत्तोलक संतोषी मात्सा ने 53 किग्रा भारवर्ग शानदार खेल दिखाया लेकिन उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।
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