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पाकिस्तान में माता का एक मात्र शक्तिपीठ, दर्शन करें

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देवी हिंगलाज की यात्रा के मार्ग में पाकिस्तान का यह गांव भी आता है। इस गांव को देखकर आपको लगेगा कि यह अपने देश जैसा ही है। लेकिन यह अपना देश नहीं यहां आने-जाने के लिए आपको पासपोर्ट और वीजा की जरुरत पड़ेगी।
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पाकिस्तान में माता का एक मात्र शक्तिपीठ, दर्शन करें

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हिंगलाज माता के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो मार्ग में आप भटक नहीं जाएं इसके लिए रास्ते में बोर्ड लगा है जो बता रहा है कि माता के द्वार जाना है तो इधर से जाएं।
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माता हिंगलाज के मंदिर और आस-पास का नजारा देखिए एक झलक में। आपको कुछ-कुछ ऐसा महसूस होगा जैसे सांझी छत से माता वैष्णो देवी का भवन दिख गया हो।

पाकिस्तान में माता का एक मात्र शक्तिपीठ, दर्शन करें

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मंदिर के पास स्थिति इस पवित्र जल में स्नान करके तीर्थयात्री तन मन को शुद्घ करते हैं। इसके बाद माता के मंदिर में जाकर देवी के दर्शन पाते हैं।
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यह है हिंगलाज माता के मंदिर के पास का बाजार। यहां से भक्तगण माता के लिए प्रसाद खरीदते हैं। वैष्णो देवी की तरह यहां भी माता को नारियल और चुनरी भेंट किया जाता है।
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जूते चप्पल उतार कर बाहर रख दीजिए। माता की गुफा के बाहर आप खड़े हैं। इसी गुफा के अंदर माता हिंगलाज विराजमान हैं। बोलो जय माता की।
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हिंगोल नदी के तट पर स्थित देवी हिंगलाज के विषय में माना जाता है कि यह 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां देवी सती का ब्रह्मरंध्र यानि सिर गिरा था। माता वैष्णो देवी की पिंडी की तरह देवी हिंगलाज भी पिंडी रुप में गुफा में विराजमान है। पाकिस्तान में रह रहे हिन्दू इन्हें वैष्णो देवी की तरह ही मानते हैं।
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हिंगलाज माता मंदिर में स्थित देवी की प्रतिमा। इनके दर्शन करके आइये अपनी यात्री पूरी करें। हिंलाज देवी की कथा और इनसे जुड़ी मान्यताओं को जानने के लिए क्लिक करें। पढ़ें क्यों भगवान राम हिंगलाज देवी के दर्शन करने गए थे।
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