मंगल पर जीवन जीने की मंशा को सच करने के लिए धरती पर तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत छह लोगों ने खुद को एक गुंबद में एक साल के लिए बंद कर दिया है। इस एक साल के दौरान इन लोगों का बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होगा। इस गुंबद में न उन्हें ताजी हवा मिलेगी, न ताजा खाना और न ही कोई निजता की आजादी। साभार-टेलीग्रॉफ, न्यूयॉर्क टाइम्स, ट्रिब्यून टाइम्स, गार्जियन
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एक साल के लिए गुंबद में बंद रहेंगे छह लोग, जानिए क्यों?
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दरअसल नासा का यह एकांत प्रयोग मंगल पर पहुंचने की तैयारियों का हिस्सा है। इस प्रयोग के जरिये मंगल के हालातों में ढलने की इंसान की क्षमता को परखा जाएगा।
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अमेरिका के हवाई राज्य का एक सुनसान इलाके पर सौर ऊर्जा से चलने वाला एक गुंबद बनाया गया है। इस गुंबद में छह वैज्ञानिक एक साल तक बंद रहेंगे। इस गुंबद का व्यास 11 मीटर और लंबाई छह मीटर है। शुक्रवार को इस मिशन की शुरुआत कर दी गई है।
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इस गुंबद के अंदर इन वैज्ञानिकों को बहुत ही सीमित सुविधाएं दी गई हैं। इसमें हर एक के पास एक छोटा सा केबिन होगा। उसमें एक टेबल और सोने के लिए बेड होगा।
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इस एकांत प्रयोग के जरिये नासा की कोशिश अंतरिक्ष यात्रा और वहां रहने के खतरों को जानने की है। शनिवार को नासा ने अपने पहले हवाई स्पेस एक्सप्लोरेशन एनलॉग एंड सिमुलेशन नाम के इस प्रोग्राम की शुरुआत कर दी है।
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इस गुंबद में बंद छह लोगों को खाने में सिर्फ डिब्बा बंद मछली और पनीर का पाउडर मिलेगा। इन्हें इंटरनेट भी सीमित मात्रा में ही उपयोग करने को प्राप्त होगा।
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गुंबद में बंद छह लोगों में एक फ्रांसीसी एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट, जर्मन भौतिक विज्ञानी और चार अमेरिकी शामिल हैं। इन चार में से एक पत्रकार, पायलट, वास्तुकार और भू वैज्ञानिक है। अगर कभी ये लोग बाहर सैर करना चाहते हैं, तो इन्हें स्पेस शूट पहनकर सैर करनी होगी। गुंबद में बंद छह लोगों में से एक वैज्ञानिक और पत्रकार शेयना गिफर्ड ने इसे दुनिया को बदलने का मिशन बताया है।