अचानक ही बम फटा तो हर तरफ अफरा-तफरी मच गई और लोग कुछ समझ पाते की हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी। ऐसा मंजर देख कर हर तरफ हाहाकार मच गया।
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पहले फटे बम और फिर हुई खुलेआम हुई गोलीबारी, तस्वीरें
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इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बृहस्पतिवार को आतंकी संगठन आईएस ने गोलीबारी और विस्फोट कर हमले को अंजाम दिया। इस घटना में सात लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट आई है, जिसमें से पांच हमलावर बताए जा रहे हैं।
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राजधानी के स्टारबक कैफे और देश के सबसे पुराने डिपार्टमेंटल स्टोर सरीनाह को आतंकियों से मुक्त कराने में पुलिस और सुरक्षाबलों को करीब तीन घंटे लगे।
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करीब सात आतंकवादियों ने इन जगहों पर कब्जा कर लिया था। इस हमले में एक पुलिस अधिकारी और एक कनाडा के नागरिक की मौत हुई है। दो अन्य आतंकियों को जीवित पकड़ लिया गया है।
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आईएस ने एक टेलीग्राम में कहा है कि उसके लड़ाकों ने विदेशी नागरिकों को निशाना बनाते हुए बृहस्पतिवार सुबह में हमला किया।
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जकार्ता पुलिस के प्रमुख ने कहा कि इस हमले के पीछे आईएस है। उन्होंने दावा किया कि इस हमले का षड्यंत्र एक इंडोनेशियाई आतंकी बहरुन नैम ने रचा।
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आतंकियों ने राजधानी में कम से कम छह जगहों पर विस्फोट किया और एक सिनेमाघर में गोलीबारी की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस आतंकी हमले को लेकर जकार्ता पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
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उनका कहना है कि आतंकियों ने मुंबई हमले की तरह राजधानी जकार्ता को पूरी तरह से कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए।
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दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में वर्ष 2000 से 2009 के बीच कई आतंकी हमले हुए। 2002 में यहां के प्रसिद्ध रिसॉर्ट बाली में हुए हमले में 202 लोग मारे गए थे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जकार्ता में हुए आतंकी हमले को निंदनीय करार दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस हमले में मारे गए लोगों के सगे-संबंधियों के साथ वे संवेदना जताते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस हमले में घायल होने वाले लोगों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।
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हमलों का निशाना थामरिन स्ट्रीट था, जो बड़ा कारोबारी केंद्र है। हमलावरों ने पहले स्टारबक्स कैफे में धमाका किया और इसके बाद पुलिस को निशाना बनाकर गोलीबारी करने लगे। घंटेभर से ज्यादा चली मुठभेड़ में आतंकियों ने जमकर ग्रेनेड फेंके।
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दो हमलावर पुलिस की गोलीबारी में मारे गए जबकि अन्य दो ने स्टारबक्स कैफे के सामने एक पुलिस पोस्ट पर ख़ुद को उड़ा लिया। हमला राष्ट्रपति पैलेस, संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर और अमेरिकी दूतावास के बेहद करीब हुआ।
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खास बात यह कि आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से मिली धमकियों के बाद यहां हाई अलर्ट था। जकार्ता पुलिस के पास कुछ समय पहले से ही संभावित हमले की जानकारी थी, मगर वह इसे रोकने में नाकाम रही। राष्ट्रीय पुलिस के प्रवक्ता जनरल एनटन चारीलयान ने कहा, ‘ताजा हमला पेरिस में हुए हालिया आतंकी हमले का नकल है।
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आतंकियों के आईएस से जुडे़ होने की आशंका है, हालांकि अभी कोई सबूत नहीं मिला है।’ अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि इस हमले के पीछे किस संगठन का हाथ है। अब भी कुछ आतंकियों के छिपे रहने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने इस आशंका को खारिज कर दिया है। जकार्ता पुलिस के प्रवक्ता कर्नल इकबाल ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। देश के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने आतंकी हमलों की निंदा की है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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हमले के बाद सड़कों पर बिखरे क्षतविक्षत शव के बीच चीख पुकार का माहौल था। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया दुनिया में मुसलमानों की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है। इंडोनेशिया पर पहले भी इस्लामी उग्रवादी गुट हमला करते रहे हैं। साल 2009 में जकार्ता के रिट्ज और मैरियट होटल पर हुए बम धमाके के बाद राजधानी में यह पहला बड़ा हमला है।