अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उसके 10 नाविकों को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब उनका जहाज बहकर खाड़ी में पहुंच गया। अधिकारियों के मुताबिक हमने नौसेना के अपने दो छोटे जहाजों से संपर्क खो दिया है, जो कुवैत से बहरीन जा रहे थे। बाद में ईरान ने अमेरिका के पकड़े गए दो जहाजों और उसमें बैठै दस जवानों को छोड़ दिया है। ईरान ने इस बाबत कहा है कि अमेरिका की तरफ से माफी मांगने के बाद उनके 10 जवानों को छोड़ा गया है।
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ईरान ने पकड़े अमेरिका के दो जहाज, बाद में छोड़े
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इससे पहले ईरान ने अमेरिका को सूचना दी थी कि उनके नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द ही अपनी यात्रा जारी रखने की अनुमति मिल जाएगी। खबर यह भी थी कि ईरान ने अमेरिका से माफी मांगने के लिए कहा है। ईरान ने अमेरिका से कहा है कि नाविकों ने ईरान की समुद्री सीमा में आकर उल्लघंन किया है।
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ईरान ने पकड़े अमेरिका के दो जहाज, बाद में छोड़े
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यह घटना खाड़ी के मध्य फारसी द्वीप के पास तब हुई, जब एक जहाज में तकनीकी खराबी आ गई। ईरान की समाचार एजेंसी एफएआरएस के मुताबिक ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने नौ पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया। वो ईरानी इलाके में घुसे थे और ताकझांक कर रहे थे। समाचार एजेंसी तस्नीम का कहना है कि अमेरीकी जहाज मशीनगनों से लैस था। घटना के तुरंत बाद अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने तुरंत ईरान के विदेश मंत्री जावाद जरीफ ने बात की।
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एक अधिकारी ने नाम न बताते हुए कहा कि केरी ने व्यक्तिगत तौर पर जरीफ से बात करके समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की। लगातार तीन साल तक परमाणु डील पर बातचीत के दौरान केरी और जरीफ के अच्छे ताल्लुकात बन गए हैं।
नाविकों को रिहा करने के लिए अमेरिका से लगातार फोन आ रहे थे। 2007 में इसी तरह ईरान और इराक के विवादित इलाके में घुसने के कारण 15 ब्रिटेन नाविकों और नौसेनिकों को 13 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु डील होने के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।