नेशनल जियोग्राफिक फोटो प्रतियोगिता 2015 के विजेताओं की घोषणा हो गई है। एनुआर पैटजाने की इस तस्वीर को करीब 17000 तस्वीरों में से विजेता चुना गया।
विज्ञापन
17,000 में से चुनी गई इन 10 तस्वीरों में क्या है खास
2 of 10
बांग्लादेश के चटगांव के फैसल अजीम की इस तस्वीर को दूसरा स्थान मिला है। धूल में लिपटे ये तीनों सड़क मजदूर काम के बाद शीशे से बाहर झांकते हुए।
विज्ञापन
17,000 में से चुनी गई इन 10 तस्वीरों में क्या है खास
3 of 10
ओमान के मस्कट में ली गई इस तस्वीर को तीसरा स्थान मिला। इसे लिया है अहमद अल तोकी ने। उन्होंने ये तस्वीर एक पारंपरिक ऊंट दौड़ के दौरान ली।
17,000 में से चुनी गई इन 10 तस्वीरों में क्या है खास
4 of 10
सात तस्वीरों को मेरिट-प्राइज मिला। इन सातों में साराह वोयूटर्स की ये तस्वीर भी शामिल है। उन्होंने थाईलैंड के नोंग खाई प्रांत के दो बच्चों को कैमरे में उतारा।
विज्ञापन
17,000 में से चुनी गई इन 10 तस्वीरों में क्या है खास
5 of 10
प्रतियोगिता में तस्वीरों को दो मानकों पर परखा गया, एक रचनात्मकता और दूसरा फोटोग्राफिक गुणवत्ता। पूर्वी इटली के ऐल्प्स पहाड़ो में 2800 मीटर ऊंचाई पर स्थित एक सॉना। ये तस्वीर ली है स्टेफैनो जार्दिनी ने।
विज्ञापन
17,000 में से चुनी गई इन 10 तस्वीरों में क्या है खास
6 of 10
इस तस्वीर को लेने वाले फोटोग्राफर स्टेफेन बेरूबे ने कहा इस तस्वीर को लेने से पहले पूरे दिन और रात हम विलुप्त हो रहे सफेद गैंडे की तस्वीर लेने की कोशिश की थी लेकिन हम कामयाब नहीं हुए थे। रात को मैंने जो तस्वीर ली वो मनमाफिक नहीं थी। जब मैं अगली सुबह सो कर उठा तो ये तीनों गैंडे मेरे सामने ही चर रहे थे।
विज्ञापन
17,000 में से चुनी गई इन 10 तस्वीरों में क्या है खास
7 of 10
लेन श्रोडर की तस्वीर में दिख रहे हैं दो भारतीय पहलवान। श्रोडर कहते हैं कि कुश्ती के बाद पहलवान अखाड़े की दीवार से सटक आराम करते हैं। वो अपनी शरीर पर मिट्टी लगाए रहते हैं ताकि उनके बदन का पसीना सूख जाए और उन्हें ठंड न लगे। अंत में वो अपनी थकी मांसपेशियों को आराम देने के लिए बदन की मालिश कराते हैं।
17,000 में से चुनी गई इन 10 तस्वीरों में क्या है खास
8 of 10
रोमानिया के इस गांव की तस्वीर ली है एडवर्ड गुटेस्कू ने। उन्होंने अपनी तस्वीर को नाम दिया है, रोमानिया लैंड ऑफ फेयरी टेल्स।
17,000 में से चुनी गई इन 10 तस्वीरों में क्या है खास
9 of 10
तस्वीर लेने वाले फोटोगग्राफर बेथ मैकार्थी ने बताया कि जब हम तस्वीर लेने के लिए बाहर निकले थे तो चांद पूरी तरह से खिला हुआ था। चांदनी के प्रकाश में रेत चमक रही थी। आकाश इतना साफ था कि हमें आकाश गंगा दिखाई दे रही थी।