अगर आप समाचार पत्र पढते हैं, टीवी देखते हैं और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर वक्त बिताते हैं तो आपने महसूस किया होगा कि गाय, बीफ, मांस, दंगा, असहिष्णुता जैसे शब्द बार-बार आपके सामने आ रहे हैं। क्या आपको सिर्फ ऐसा लग रहा है या वाकई में ऐसा है ही? इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए हमने गूगल सर्च की मदद ली और पाया कि इनमें से कुछ शब्दों के इस्तेमाल में बीते कुछ महीनों में इजाफा हुआ है। गूगल ट्रेंड्स सर्च से हम ये जान सकते हैं कि एक निश्चित समय के दौरान किसी शब्द को खोजने में लोगों की कितनी रुचि रही। गूगल सर्च की संख्या के आधार पर ये ग्राफ बनाता है, आप देख सकते हैं कि कुछ शब्दों का ग्राफ अचानक ऊपर गया है।
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चुनाव और राजनीति ने बढ़ा दिए इन शब्दों के ग्राफ, तस्वीरें
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यूपीए-2 के शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार सबसे बडा मुद्दा था और यह समाचारों में छाया रहता था। ग्राफ में जो उछाल दिख रहा है वो अन्ना हजारे के आंदोलन के वक्त का है। लेकिन इसके बाद से ये लगातार गिरता गया।
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मार्च में बीफ शब्द खोजने में किसी की रुचि नहीं थी। लेकिन अचानक सितंबर में इस शब्द के प्रति लोगों में रुचि पैदा हुई। इसी महीने दादरी हत्याकांड हुआ था जब बीफ की अफवाह पर अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। ग्राफ में जो पहला उछाल दिख रहा है यह उस वक्त का है जब महाराष्ट्र सरकार ने बीफ पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐलान किया था।
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गाय शब्द की बिहार चुनावों के दौरान खूब चर्चा हुई। ग्राफ में दिख रहा ये उछाल इसी दौरान का है।
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विकास शब्द का इस्तेमाल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में करते रहे हैं और शायद यही वजह है कि लोगों की विकास से जुडी जानकारियां सर्च करने में रूचि रही है।
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बीफ अंग्रेजी का शब्द है जो हिंदी में भी इस्तेमाल होता है लेकिन हिंदी में इसके लिए गौमांस शब्द का प्रयोग होता है। यदि मांस शब्द के ग्राफ को देखा जाए तो यह लगभग बीफ शब्द के ग्राफ जैसा ही दिखता है। इस साल से पहले तक ये शब्द ना विमर्श का हिस्सा था ना ही लोगों की इसमें रुचि थी।
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2013 से पहले तक मुसलमान शब्द को गूगल पर खोजने में लोगों की कोई रूचि नहीं दिखती लेकिन उसके बाद से ये लगातार बढ रही है। लोग ज्यादा से ज्यादा मुसलमानों के बारे में जानना चाहते हैं। या ये भी कहा जा सकता है कि समाचारों में मुसलमान शब्द का इस्तेमाल खूब हो रहा है।
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-सितंबर 2013 में मुजफ्फरनगर में दंगे हुए थे और यही वो समय था जब इस बारे में जानने में लोगों की सबसे ज्यादा रूचि थी। वर्ष 2015 में भी यही ट्रेंड जारी रहा।
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लव जिहाद भी एक ऐसा ही शब्द है जिसमें लोगों की रूचि अचानक पैदा होती है। ग्राफ में जो उछाल है, ये उस वक्त का है जब मेरठ के खरखौदा का चर्चित 'लव जिहाद' मामला सामने आया था।