यूपी के गाजीपुर में जन्मे भारत माता के अमर सपूत वीर अब्दुल हमीद का आज शहादत दिवस है। शहीद अब्दुल हमीद की बहादुरी के चर्चे आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
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इसी जीप से वीर अब्दुल हमीद ने उड़ा दिए थे पाकिस्तान के 7 टैंक
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कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद भारतीय सेना की 4 ग्रेनेडियर में सिपाही थे, जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान अद्भुत वीरता का प्रदर्शन करते हुए वीरगति प्राप्त की।
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इसी जीप से वीर अब्दुल हमीद ने उड़ा दिए थे पाकिस्तान के 7 टैंक
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शहीद होने से पहले अब्दुल हमीद ने अपनी इसी 'गन माउंटेड जीप' से पाकिस्तान के छक्के छुड़ाते हुए उसके सात 'पैटन टैंकों' को नेस्तनाबूत कर दिया था।
इसी जीप से वीर अब्दुल हमीद ने उड़ा दिए थे पाकिस्तान के 7 टैंक
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भारतीय सैनिकों के पास न तो पाकिस्तान जैसे टैंक थे और ना ही बड़े हथियार, लेकिन उनके पास भारत माता की रक्षा के लिए लड़ते हुए मर जाने का हौसला था। अब्दुल हमीद के पास 'गन माउंटेड जीप' थी, जो पैटन टैंकों के सामने मात्र एक खिलौने के सामान थी।
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वीर अब्दुल हमीद ने अपनी जीप में बैठकर अपनी गन से पैटन टैंकों के कमजोर अंगों पर एकदम सटीक निशाना लगाकर एक-एक कर धवस्त करना शुरू किया।
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उनको ऐसा करते देख दूसरे भारतीय सैनिकों का हौसला भी बढ़ गया और देखते ही देखते पाकिस्तानी फौज में भगदड़ मच गई।
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इस युद्ध में अद्भुत बहादुरी के लिए वीर अब्दुल हमीद को पहले महावीर चक्र और फिर सेना के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया। सारा देश उनकी बहादुरी को नमन करता है। अमृतसर में शहीद अब्दुल हमीद की याद में बनाया गया शिलापट।
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जर्जर देह और मोतिया बिंद से भरी आंखों वाली इस वृद्धा को देखकर शायद आपमें कोई खास भाव न जागे, लेकिन जब आपको मालूम होगा कि यह वृद्धा 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में अपनी बहादुरी का लोहा मनवाने वाले शहीद अब्दुल हमीद की पत्नी हैं, तो आपके मन में सहज ही उनके प्रति आदर भाव भर आएगा।