कहीं आतंकियों की निशाने में मेरठ तो नहीं। बृहस्पतिवार को मेरठ आने वाली मेरठ-रेवाड़ी पैसेंजर में बम मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस अधिकारी मामले को बिजनौर में बम धमाके के प्लान से जोड़कर देख रहे हैं। खास बात यह है कि टाइम बम में समय तय नहीं था।
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ट्रेन में बोला 'थैला देखते रहना', उसमें था बम
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बृहस्पतिवार सुबह सात बजे मेरठ से रेवाड़ी पैसेंजर (संख्या 54421) ट्रेन गई थी। करीब दोपहर 2.30 बजे ट्रेन रेवाड़ी से मेरठ के लिए चली। रेवाड़ी स्टेशन पर ट्रेन में थैला रखकर एक युवक एक यात्री से बोलकर गया कि थैले पर थोड़ा ध्यान रखे। काफी देर तक युवक वापस नहीं लौटा तो उसने दो तीन यात्रियों से थैले के बारे में बताया।
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युवक ने जीआरपी एएसआई सुरेश और रामनिवास को जानकारी दी। उन्होंने थैला देखा तो उसमें बम मिला। स्टेशन पर ट्रेन में बम की सूचना पर यात्रियों में अफरातफरी मच गई। आनन फानन में गुड़गांव से पहुंची बम स्क्वॉयड टीम ने बम को डिफ्यूज किया, तब जाकर बड़ा हादसा टला।
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लोगों का कहना है कि बिजनौर में बम धमाके करने का प्लान करने वाले आतंकियों ने मेरठ तो निशाना नहीं बना लिया। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मेरठ में आतंकियों के कई मददगार छिपे हुए हैं। त्योहार में आतंकी साया मंडराने का अंदेशा जताते पुलिस ने जनपद के धार्मिक स्थलों पर चौकसी बढ़ाई है।
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बम मिलने के बाद जीआरपी ने ट्रेन खाली कराई। यात्रियों की सुरक्षा देखते रेलवे पुलिस ट्रेन में मेरठ तक साथ आई। मामले की जानकारी मेरठ रेलवे अधिकारियों को नहीं है। ट्रेन डेढ़ घंटे लेट आई, तब भी मेरठ जीआरपी ने इसका कारण जानना मुनासिब नहीं समझा।
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जीआरपी, आरपीएफ और जिला पुलिस की मुस्तैदी के साथ ही युवक की जागरूकता भी हादसे से बचने का एक बड़ा कारण था, जिससे दहशतगर्द अपने नापाक इरादों में सफल नहीं हो सका।
पहले तो युवक ने फौरन बैग में संभावित बम होने की सूचना जीआरपी के जवानों को दी, न कि शोर-मचाया। वरना भगदड़ के माहौल में भी बड़ा हादसा हो सकता था। शाबाशी का काम करने वाले युवक की सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने उसकी पहचान बताने से इंकार कर दिया है।