मेडिकल कॉलेज स्थित मैदान में शुक्रवार सुबह हुए दंगा नियंत्रण रिहर्सल के दौरान छोड़े गए आंसू गैस के गोलों से तीन दर्जन से ज्यादा छात्राओं की हालत बिगड़ गई। छद्म बलवाइयों पर छोड़े गए गोले छिटककर बीएससी नर्सिंग कॉलेज छात्रावास में जाकर गिरे। उस समय 37 से ज्यादा छात्राएं मेस में नाश्ता कर रही थीं। गैस की चपेट में आने से एक दर्जन से ज्यादा छात्राएं बेहोश हो गईं।
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कॉलेज में गिरा आंसू गैस का गोला, छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
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एक-एक कर हालत बिगड़ने पर सभी को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इस दौरान पहुंचीं सीओ सिविल लाइन से नर्सिंग की अन्य छात्राओं और स्टाफ भिड़ गया। जिसके बाद कोई अधिकारी पीड़ित छात्राओं का हाल जानने नहीं पहुंचा। मेरठ मेडिकल कॉलेज परिसर में ही थाना मेडिकल है।
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कॉलेज में गिरा आंसू गैस का गोला, छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
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पंचायत चुनाव के मद्देनजर मेडिकल थाने की पुलिस शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे मेडिकल कॉलेज परिसर में ही स्थित सौ मीटर से भी छोटे मैदान में दंगा नियंत्रण रिहर्सल करने पहुंची थी। खास बात यह है कि पुलिस द्वारा इसकी मेडिकल कॉलेज प्रशासन से अनुमति भी नहीं ली गई थी। अभ्यास के दौरान बलवाईयों की भूमिका निभा रहे कुछ पुलिसकर्मी भागकर मैदान के दूसरे छोर पर पहुंच गए।
कॉलेज में गिरा आंसू गैस का गोला, छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
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इसी बीच पुलिस की तरफ से इन बलवाईयों पर आंसू गैस के गोले दागे गए। जो मैदान के ऊपर से होकर सड़क पार करते हुए बीएससी नर्सिंग कॉलेज के छात्रावास में जाकर गिरे। कुछ गोले मेस के बाहर साइड में खाली पड़ी जमीन पर गिरे तो कुछ हॉस्टल के अंदर चौक पर। जिस वक्त ये गोले आकर गिरे, उसी वक्त करीब 35 से अधिक छात्राएं मेस में नाश्ता कर रही थीं।
कॉलेज में गिरा आंसू गैस का गोला, छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
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जिनकी हालत आंसू गैस की चपेट में आने के कारण बिगड़ गई। आंखों में तेज दर्द, लगातार पानी बहने, सांस लेने में दिक्कत के चलते करीब एक दर्जन छात्राएं बेहोश होकर गिरीं तो मेस में अफरातफरी और चीखपुकार मच गई। देखते ही देखते सभी छात्राओं की हालत बिगड़ गई।