करीब 20 साल पहले वैदिक धर्म अपनाने वाले आस्ट्रेलियाई नागरिक यहां अब श्रीरामानुजमचार्य के नाम से जाने जाते हैं। ये ऑस्ट्रेलिया में लोगों के शादी-विवाह करवाते हैं वो भी संस्कृत मंत्रों के साथ।
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मिलिए, संस्कृत में मंत्र पढ़ने वाले ऑस्ट्रेलियाई पंडितजी से
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ऑस्ट्रेलिया के श्रीरामानुजमचार्य कुछ साल पहले बनारस आए थे और यहां संस्कृत और वैदिक विधि-विधान सीखा। ये पंडित जी ऑस्ट्रेलिया में बने एक मंदिर में पूजा-पाठ में लीन रहते हैं।
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मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से श्रीरामानुजमचार्य का नाम आया तो लोग संस्कृत भाषा से जुड़ी चीजें ट्वीट कर रहे हैं। पाणिनी ने संस्कृत की व्याकरण अष्टाध्याई की रचना की जो दुनिया की पहली व्याकरण मानी जाती है।
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संस्कृत शब्द सोशल मीडिया में भी ट्रेंड कर रहा है। संस्कृत के पक्ष में लोग कुछ इस तरह के पोस्ट शेयर कर रहे हैं।
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एक ब्रिटिश स्कूल की ओर से संस्कृत भाषा अनिवार्य करने की बात भी कही जा रही है।