आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को संवाद और प्रकाश सज्जा में अपनी तरह की विश्व की अनूठी रामलीला में करीब चार घंटे तक ‘भरत मनावन’ का मंचन देखा। (रिपोर्ट: अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर)
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जब भागवत ने भीड़ में खड़े होकर देखा ‘भरत मनावन’
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दो जगहों पर हुई इस लीला को देखने के लिए उन्हें कुछ देर भीड़ के बीच खड़े भी रहना पड़ा। छेदू पहलवान के अखाड़े पर हुई लीला में वह पैदल पहुंचे। वहां कार्यकर्ताओं के साथ खड़े संघ प्रमुख लीला के भावों में डूबे नजर आए।
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रामनगर की रामलीला में गुरुवार को भरत मनावन के प्रसंग का मंचन हुआ। इसे देखने के लिए आरएसएस प्रमुख शाम 5:15 बजे कार से सीधे लीला स्थल पर पहुंचे। परंपरागत तरीके से एक तरफ पूर्व काशी रियासत के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह हाथी पर सवार थे। दूसरी ओर छेदू पहलवान के अखाड़े पर संघ प्रमुख मौजूद थे।
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भीड़ में कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होकर वह लीला का आनंद लेते रहे। यहां की लीला में भरतजी भारद्वाज आश्रम से चित्रकूट के लिए रवाना होते हैं और इसी के साथ लीला विराम लेती है।
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इसके बाद अनंत नारायण सिंह संध्या करने गए। तब भागवत पास के ही रामबाग पोखरे के पास स्थित दुर्गा मंदिर तक कार से पहुंचे। वहां मां की उन्होंने आराधना की।
इसके बाद मंदिर से वह रामबाग पोखरे पर पहुंचे, जहां चित्रकूट में आगे की लीला का मंचन हुआ। यहां जब संघ प्रमुख पहुंचे तब कुर्सी लगी थी। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच रात नौ बजे मेहताबी रोशनी में आरती हुई। इसके बाद भागवत चले गए।