सिडनी के लिंट कैफे में कई लोग बंधक बनाए गए हैं और बाहर कई लोग सेल्फी खींच रहे हैं। सोशल मीडिया में इन तस्वीरों की बहुत आलोचना की जा रही है। ट्विटर पर एक व्यक्ति ने नाराज होते हुए यह तस्वीर शेयर की और लिखा कि टूरिस्ट ऐसी जगहों पर भी सेल्फी खींचने से बाज नहीं आ रहे।
विज्ञापन
सिडनी कांड: अंदर बंधक, बाहर सेल्फी का शौक!
2 of 7
इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा कि सिडनी में जिस कैफे में लोगों को बंधक बनाया गया है एक व्यक्ति वहां सेल्फी स्टिक से सेल्फी ले रहा है। बेहद दुखी करने वाली घटना।
विज्ञापन
सिडनी कांड: अंदर बंधक, बाहर सेल्फी का शौक!
3 of 7
सेल्फी खींचने वालों की आलोचना करते हुए लोगों ने ट्विर पर लिखा कि ऐसी स्थिति में भी कोई सेल्फी लेता है क्या?? हां कुछ मूर्ख ऐसे भी हैं।
सिडनी कांड: अंदर बंधक, बाहर सेल्फी का शौक!
4 of 7
जिस कैफे में लोगों को बंधक बनाया गया है उसके बाहर इकट्ठी भीड़।
विज्ञापन
सिडनी कांड: अंदर बंधक, बाहर सेल्फी का शौक!
5 of 7
लिंट चॉकलेट कैफे के बाहर सेल्फी खींचते लोग।
विज्ञापन
सिडनी कांड: अंदर बंधक, बाहर सेल्फी का शौक!
6 of 7
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में एक कैफे में बंधक बनाए गए लोगों में से एक भारतीय का नाम भी आया है।
भारतीय बंधक के विषय में सरकार ने भी पुष्टि कर दी है। जानकारी के अनुसार वह इंफोसिस का कर्मचारी है और कंपनी ने बंधक के परिवार को भी इस बारे में जानकारी दे दी है।