तस्वीरों में दिखाई दे रहा फव्वारा पानी का नहीं है, बल्कि उसी तेल की धार है जिसके दाम बढ़ने पर हम अपनी जेब टटोलने लगते है। मथुरा रिफाइनरी की जालंधर पाइप लाइन में तेल चोरों ने एक बार फिर सेंधमारी कर करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है। (सभी फोटो और रिपोर्ट: अमर उजाला ब्यूरो, मथुरा)
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खेतों के बीच से निकला डीजल का फव्वारा, देखने वाले हैरान
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बुधवार को डीजल चोरी के दौरान पाइप लाइन में लगाए गए वाल्व का पाइप फूट जाने से लाइन से लगभग 50 फुट ऊंचाई तक डीजल फव्वारा बन कर निकल गया। इसके चलते लाखों लीटर डीजल आसपास के खेतों में फैल गया मथुरा रिफाइनरी से जालंधर के लिए 18 इंच व्यास की भूमिगत पाइप लाइन गई है। इसमें रिफाइनरी से डिमांड के आधार पर समय समय पर कैरोसिन, डीजल, पेट्रोल और एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल, विमान ईंधन) की आपूर्ति की जाती है।
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तेल चोरों ने जैंत चौकी क्षेत्र के गांव अरहेरा व फैंचरी के बीच जंगल से जा रही पाइप लाइन में किलोमीटर संख्या 18.200 पर डेढ़ इंच मोटे पाइप को बेल्डिंग कर उसमें आधा इंच मोटाई का पाइप ड्रिल कर फिट कर दिया। बुधवार तड़के डीजल चोरी के दौरान फ्लैंच वाल्व से लगा पाइप टूट गया और लाइन से तेजी से डीजल जंगल में फैलने लगा।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेल की धार तेज आवाज के साथ 50 फुट ऊंचाई तक जाने लगी। तड़के जंगल को गांव के लोगों ने तेज आवाज के साथ डीजल फैलते देखा तो पहले हड़कंप मच गया। बाद में ग्रामीण डीजल भरकर ले जाने लगे। सुबह छह बजे सूचना पर जैंत पुलिस और रिफाइनरी पाइपलाइन डिवीजन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लाइन की सप्लाई बंद करा दी।
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इंडियन ऑयल कारपोरेशन की मथुरा रिफाइनरी की पाइपलाइन से तेल चोरी में रिफाइनरीकर्मी भी संदेह के घेरे में हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जब-जब सेंधमारी हुई, तब-तब पाइपलाइन से डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति पाई गई। बड़ा सवाल है कि तेल चोरों ने कभी कैरोसिन की आपूर्ति के दौरान सेंध क्यों नहीं लगाई। जांच टीम अब इसी की जानकारी कर रही हैं।
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रिफाइनरी की पाइप लाइनों से देश के कोने-कोने तक भेजे जाने वाले पेट्रोलियम पदार्थों को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पंप कर भेजा जाता है। यह प्रेशर इतना होता है कि थोड़ा सुराख होने पर तेल की धार पर हाथ लग जाए तो वह घायल हो जाए। वहीं एक इंच व्यास के पाइप से मात्र 12 मिनट में 16 हजार लीटर पेट्रोलियम पदार्थ निकाला जा सकता है।
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मथुरा से जालंधर, भरतपुर, टूंडला, सलाया गुजरात और मुंबई ब्रिजवासिन को पाइप लाइनों से पेट्रोलियम पदार्थ भेजे जाते हैं। वहीं बीपीसीएल की मथुरा टर्मिनल से मुंबई तक पाइप लाइन बिछी है। भूतल से छह फुट अंदर बिछी इन पाइप लाइनों में तेल चोर डेढ़ दर्जन बार सेंध लगाकर करोड़ों की तेल चोरी कर चुके हैं।
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मथुरा-जालंधर पाइपलाइन के पास इन दिनों मिट्टी खोदाई कर लाइन की पेंटिंग और कोटिंग का काम चल रहा है। जिस स्थान पर लाइन में सेंध लगाई गई वहां कुछ माह पहले ही कोटिंग की गई थी। उस स्थान की मिट्टी भी समतल नहीं कराई गई।
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पाइपलाइन से डीजल निकलने की सूचना पर अरहेरा व फैंचरी के लोग घरों से बर्तन, कैन आदि लेकर मौके पर आ गए और हजारों लीटर डीजल भर ले गए। 200 मीटर के इलाके में डीजल खेतों में फैल गया।
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रिफाइनरी और बीपीसीएल की पाइपलाइन में सेंध लगाकर की जाने वाली पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी के बाद उस माल को सस्ते दामों पर जिले के ग्रामीण इलाकों में बनी आउटलेट्स पर खपाया जाता है। चोरी किए गए माल को तेल चोर दुपहिया, चौपहिया वाहन चालकों को नहीं बेचते। रसूखदार लोगों की मदद से सेटिंग कर वर्तमान दर से पांच से 10 रुपये प्रति लीटर कम की पेट्रोल पंप आउटलेट्स पर बेच देते हैं।