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शायद अगली पीढ़ी को न दिखें ये 10 चीजें

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डायल-अप- डायल-अप इंटरनेट चलाने का एक तरीका है। इसका आविष्कार 1989 में हुआ था। आज के समय में इसका इस्तेमाल सिर्फ उन स्थानों पर होता है, जहां पर ब्रॉडबैंड सर्विस उपलब्ध नहीं है। तेजी से बढ़ रही ब्रॉडबैंड और वाई-फाई टेक्नोलॉजी आने वाली पीढ़ी तक शायद डायल-अप को पहुंचने भी न दे।
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शायद अगली पीढ़ी को न दिखें ये 10 चीजें

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टाइपराइटर- टाइपराइटर का आविष्कार 1860 के दशक में हुआ था। 1980 का दशक खत्म होते-होते कम्प्यूटर इसकी जगह लेने लगा और तेजी से टाइपराइटर का इस्तेमाल कम हो गया। जल्द ही कम्प्यूटर इसे पूरी तरह से खत्म कर देगा।
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फोटो अलबम- यादों को सहेज कर रखने का सबसे अच्छा तरीका है फोटो अलबम, लेकिन आजकल लोग फोटो को अलबम में रखने के बजाए, अपने कम्प्यूटर में रखना पसंद करते हैं। हो सकता है कि आने वाली पीढ़ी को फोटो अलबम देखने को भी न मिले।

शायद अगली पीढ़ी को न दिखें ये 10 चीजें

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लैंड लाइन फोन- कभी लैंड लाइन फोन लगवाने के लिए कई महीनों का वेटिंग पीरियड हुआ करता था, लेकिन मोबाइल की वजह से अब लैंडलाइन का इस्तेमाल काफी कम हो गया है। आने वाले समय में मोबाइल पूरी तरह से लैंडलाइन की जगह ले लेगा।
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एसटीडी बूथ- एसटीडी की शुरुआत 1958 के करीब हुई थी। एसटीडी बूथ पर अपने परिजनों से बात करने के लिए लोगों की लाइन लगा करती थी, लेकिन मोबाइल क्रान्ति ने एसटीडी बूथ को लगभग खत्म कर दिया है। अब हर मोबाइल पर एसटीडी की सुविधा मिलती ही है।
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पोस्ट कार्ड- पोस्ट की शुरुआत करीब 1840 में हुई थी और पहले पोस्टकार्ड लंदन के लेखक थियोडोर हुक को भेजा गया था। अब पोस्ट कार्ड की जगह ईमेल, मोबाइल से मैसेज और वाट्सऐप जैसी सुविधाओं ने ले ली है। इनके जरिए पोस्टकार्ड से काफी जल्दी अपना संदेश दूसरे तक भेजा जा सकता है।
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ऑडियो कैसेट- ऑडियो कैसेट का आविष्कार 1962 में फिलिप्स कंपनी ने किया था। 2000 के दशक में कॉम्पैक्ट डिस्क आने के बाद ऑडियो कैसेट का इस्तेमाल कम होने लगा। आज के समय में इसकी जगह आईपैड और मोबाइल ने ले ली है। आने वाली पीढ़ी को शायद यह देखने को भी न मिले।

शायद अगली पीढ़ी को न दिखें ये 10 चीजें

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येलो डायरेक्टरी- टेलीफोन डायरेक्टरी को ही येलो डायरेक्टरी कहा जाता है और इसे पीले (येलो) रंग के पेपर पर प्रिन्ट किया होता है। इसका आविष्कार 1883 में हुआ था। आज के समय में इस तरह की डायरेक्टरी का उपयोग भी लैंडलाइन के कम उपयोग की वजह से कम हो गया है। अब ऑनलाइन डायरेक्टरी ही लोगों की पहली पसंद बनती जा रही हैं।

शायद अगली पीढ़ी को न दिखें ये 10 चीजें

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ग्रीटिंग कार्ड्स- ग्रीटिंग कार्ड एक दूसरे को शुभकामना संदेश देने का काफी अच्छा माध्यम माना जाता था, लेकिन बदलते समय और टेक्नोलॉजी के साथ अब ऑनलाइन ग्रीटिंग कार्ड भेजे जाने लगे हैं। सामान्य ग्रीटिंग कार्ड को भेजने में वक्त लगता है, लेकिन ऑनलाइन ग्रीटिंग समय की काफी बचत करती है।
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शायद अगली पीढ़ी को न दिखें ये 10 चीजें

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एसएमएस कार्ड- अपने दोस्तों से ढेर सारी बातें करने के लिए लोग अपने नंबर पर एसएमएस कार्ड से रिचार्ज किया करते थे, लेकिन आज के समय में sबढ़ती टेक्नोलॉजी और वाट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप के चलते यह खत्म होता सा दिख रहा है। साथ ही वाट्सऐप जैसी सेवाएं मैसेज कार्ड की तुलना में काफी सस्ती भी हैं।
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