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बहुत दर्दनाक है दलदल में समाने की कहानी

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मुरादाबाद में शनिवार रात हुई बारिश से इंदिरा चौक से कटार सईद वाली सड़क पर तीन फुट पानी था। पूरे इलाके में बिजली नहीं आ रही थी। लेकिन जब्बार स्वीट्स के अंदर एक सीएफएल से चौराहे के पास हल्का सा उजाला था।
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काले रंग का शूट पहने एक 20-25 साल की युवती मंडी चौक की तरफ से पैदल आ रही थी। उसके बगल में लाइनिंग वाली सफेद शर्ट व नीली पैंट पहने 15-16 साल का किशोर चल रहा था। अचानक दोनों जब्बार स्वीट्स के सामने पानी से भरे गड्ढे में समा गए। यह बताते ही शावेज की आंख भर आई। कुछ देर रुककर उसने कहा कि दानिश और हम बचाने गए थे। लेकिन दानिश भी डूब गया।
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कटार सईद में रहने वाला 20 साल का शावेज इंदिरा चौक पर शनिवार रात हुए दर्दनाक हादसे का प्रत्यक्षदर्शी भी है और पीड़ित भी। वह दानिश के साथ डूब रही युवती और किशोर को बचाने गया था। लेकिन उसका पैर किसी पाइप में फंस गया।

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वह मुंह के बल गिरा और जब उठा तो दानिश को पानी से भरे उसी गड्ढे में जाते देखा, जिसमें युवती और किशोर डूबे थे। शावेज ने बताया... दानिश के साथ मैं बारिश और सड़क पर भरे पानी का मजा ले रहे था। तैराकी में हमारा कोई सानी नहीं है। इसलिए चिंता नहीं थी।
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कुछ देर बाद हम चौराहे पर ही सामान लेने चले गए। लौटते समय युवती को गड्ढे फिसलता देख दानिश चिल्लाकर दौड़ा...। साथ में मैं भी पहुंचा। लेकिन मेरा पैर एक पाइप से टकरा गया। इससे काफी चोट आई।
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शावेज ने बताया कि दानिश ने जैसे ही युवती का हाथ पकड़ा, दलदल वाली मिट्टी सरक गई और वह भी पानी से भरे गड्ढे में समाने लगा। तब मैंने उसका हाथ पकड़ा, लेकिन चिकनी मिट्टी की वजह से हाथ छूट गया। मेरी चीख निकल गई। तब लोग आए और मुझे खींचकर बाहर निकाला।
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हादसे में दानिश के डूबने की जानकारी तो शावेज ने ही इलाके के लोगों को दे दी थी। लेकिन गड्ढे में डूबी युवती और किशोर की पहचान नहीं हो पा रही थी। रविवार दोपहर पीरजादा से आए एक निजी फर्म कर्मी जुरकन नैन ने अपने लापता बेटे नोमान की फोटो दिखाई तो शावेज ने हुलिया पहचान लिया। उधर, पीतलबस्ती से लापता महिला सुमन के परिजनों ने कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दी। उन्होंने भी सुमन का जो हुलिया बताया, वह काफी हद तक डूबी हुई युवती से मेल खाता है।

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इंदिरा चौक पर सीवर लाइन में फंसी तीन जानों को बचाने में पुलिस प्रशासन की लापरवाही पर रविवार सुबह लोगों का गुस्सा भड़क गया। सुबह आठ बजे सैकड़ों लोग एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

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पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। घटना से भगदड़ मच गई। इक्का दुक्का खुली दुकानों के शटर भी गिर गए। पब्लिक ने नगर निगम और अग्निशमन गाड़ी पर पथराव करके उनके शीशे तोड़ डाले।

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लैपर्ड के दो सिपाहियों को बुरी तरह पीटा और बाइक तोड़ दी। पब्लिक का आक्रोश देख पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गए। रेस्क्यू का काम भी रुक गया।

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हंगामे की सूचना पर एसपी सिटी पहुंचे और उन्होंने सबको शांत कराया। इसके बाद बरेली से आर्मी की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। तब करीब 12 बजे दोबारा रेस्क्यू आपरेशन शुरू हुआ। रात तक पाइप लाइन के अंदर से पानी और मिट्टी निकालने का काम जारी था। लापता हुए युवकों व महिला का पता नहीं लग पाया था।

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सीवर लाइन के गड्ढे में एक युवती और दो युवकों के गिरने के मामले में एलएंडटी कंपनी पर शासन का सोंटा चल गया है। कंपनी के अफसरों पर मुकदमा दर्ज हो गया है। नगर विकास मंत्री आजम खां ने कमिश्नर और डीआईजी को आदेश दिया है कि मुकदमा धारा 302 के तहत ही दर्ज होना चाहिए। नगर विधायक ने इस मामले में जल निगम के अधिशासी अभियंता के खिलाफ भी मुकदमा कराया है। दूसरी ओर एलएंडटी कंपनी ने हादसे की जानकारी देते हुए तहरीर दी है।

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एलएंडटी कंपनी के अधिकारी शनिवार की रात से ही सीवर हादसे को दबाने में लगे रहे। अफसरों के सामने करोड़ों की पेशकश रखी गई। कंपनी का एक बड़ा अधिकारी पैसा लेकर भी शहर में पहुंच गया था। कई अधिकारियों से उसकी बातचीत भी हुई मगर बात बन नहीं पाई। अफसरों ने मौजूदा हालात का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए थे।

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खुद नगर विकास मंत्री आजम खान ने इसका खुलासा किया है। आजम खान ने कहा है कि उन्हें पता चला है कि कंपनी के लोग मुरादाबाद के कई अफसरों के संपर्क में हैं। मगर वह ऐसा होने नहीं देंगे। कंपनी के अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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सीवर हादसे में मुरादाबाद के कई अफसरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। कंपनी के लोग तो दोषी हैं ही उन विभागों के अधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं जिन्हें पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करनी चाहिए थी। कमिश्नर ने जल निगम के अधिकारियों की लापरवाही मानते हुए शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही है। वहीं पूरे मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी से कहा गया है।
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